कपिल यादव हत्याकांड में पुलिस के हाथ कुछ पुख्ता सबूत लगे हैं। कपिल यादव हत्याकांड में पुलिस के हाथ कुछ पुख्ता सबूत लगे हैं। पता चला है कि पुरानी रंजिश के चलते इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस ने दिव्याशं उर्फ कुकू, प्रिंस, रोहित और सचिन यादव नाम के चार लड़कों को गिरफ्तार किया है। इनके पास 9 एमएम की एक और .30 बोर की एक पिस्टल भी बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि अनिल की हत्या इसी 9 एमएम की पिस्तौल से की गई है जबकि इनलोगों ने .30 बोर की पिस्तौल हत्या करने बाद उठा ली थी। यह .30 बोर की पिस्तौल अनिल यादव की है।
पुलिस के अनुसार अनिल यादव की हत्या रंजिश के कारण की गई है। 2004 में रामवीर नाम के पार्षद की हत्या हो गई थी। दिव्याशं उर्फ कुकू इसी रामवीर का भांजा है। इस हत्या में अनिल आरोपी था। 10 साल पुरानी इस हत्या का बदला दिव्याशं उर्फ कुकू ने अनिल यादव की हत्या करके लेनी चाही थी। पुलिस ने सचिन यादव की इंडिका विस्टा भी कब्जे में ली है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस मंगलवार को प्रेसवार्ता करके इस हत्याकांड
से पर्दा उठा सकती है। पुलिस ने सभी सबूत जुटा लिए हैं। हत्या में प्रयुक्त
पिस्टल भी बरामद कर लिया गया है। अब सिर्फ लखनऊ से आलाधिकारियों का इशारा
मिलने की देर है।
दरअसल इस मामले की निगरानी सीएम अखिलेश यादव कर
रहे हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले में जरा भी रिस्क नहीं लेना चाहती। पुलिस
जानती है कि जरा भी गलती हुई तो एक साथ कई अधिकारियों पर इसकी गाज गिरेगी।
कपिल
के चचेेरे भाई और सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव विनोद यादव का कहना है
कि हत्याकांड में पुलिस किसी निर्दोष को न फंसाए। असली हत्यारे को ही
पकड़कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि
पुलिस अगर कोई फर्जीवाड़ा करती है तो इसकी शिकायत सीएम से की जाएगी।
बता
दें कि बम्हैटा निवासी कपिल यादव की 6 मई को देर रात एनएच-24 स्थित
पेट्रोल पंप पर बम्हैटा निवासी प्रापर्टी डीलर कपिल यादव की उस समय गोली
मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह पेट्रोल पंप पर खड़ी अपनी गाड़ी लेने पैदल
ही सड़क पार कर रहा था। इसी बीच किसी युवक ने पीछे से आकर उसके सिर में तीन
गोलियां मारी और फरार हो गया था।