तमाम सुरक्षा और सख्ती के बाद भी तिहाड़ जेल में मोबाइल फोन और सिम कार्ड पहुंचने पर रोक नहीं लग पा रही है।
बीते वर्ष भी तिहाड़ में कैदियों के पास से सात मोबाइल फोन बरामद किए गए। जबकि सिम कार्ड्स की संख्या कहीं ज्यादा थी। इनको पहुंचाने में कैदियों की मदद करने वाले या लापरवाही की वजह से कई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।
तिहाड़ जेल महानिदेशक ने सालाना प्रेस वार्ता में कहा कि 2013 में फोन व सिम पहुंचाने में कैदियों की मदद करने वाले अथवा सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही के कारण 17 कर्मियों को निलंबित किया गया है और 58 कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई।
जेल महानिदेशक ने मोबाइल फोन से ज्यादा सिम कार्ड मिलने पर कहा कि सिम कार्ड को छिपाकर लाना आसान होता है और एक ही मोबाइल से कई कैदी फोन कर लेते हैं। उन्होंने इस संभावना से भी इनकार नहीं किया कि जेल कर्मी भी अपना मोबाइल फोन कैदियों को इस्तेमाल करने के लिए देते होंगे।
जेल महानिदेशक ने बताया कि वर्ष-2012 में 13 कर्मियों को निलंबित किया गया था और 35 कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष ब्लेडबाजी की 18 घटनाएं तिहाड़ जेल में हुईं। ब्लेडबाजी करने वाले कैदियों की पहचान कर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई।