भारत से भागने वाले धोखेबाजों के लिए यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) एक आरामगाह स्थान बन गया है। सीबीआई अदालत ने यह टिप्पणी 2200 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के आरोपी को विदेश यात्रा की अनुमति से इनकार करते हुए की है।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने फिल्म स्टूडियो मैसर्स पिक्सीऑन विजन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पीके तिवारी की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि मुकदमा की सुनवाई के मद्देनजर तिवारी को विदेश यात्रा की अनुमति देना उचित नहीं है।
विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार ने अर्जी खारिज करते हुए कहा कि कानून से भागने वाले भारतीय घोटालेबाजों के लिए यूके एक आरामदेह जगह बन गई है। ऐसे हालात में विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पीके तिवारी पर 2200 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले का है आरोप
कोर्ट
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बैंक घोटाले के आरोपी पीके तिवारी ने अपने कारोबार के सिलसिले में लंदन व दुबई जाने की अनुमति मांगी थी। तिवारी ने अपनी अर्जी में कहा कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के एक कार्यक्रम में उसे सम्मानित करने के लिए बुलाया गया है।
सीबीआई ने तिवारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी ने 2013 में बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक की शिकायत पर पिक्सीऑन मीडिया, उसके प्रमोटर-निर्देशक पीके तिवारी व अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
एजेंसी ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा, फर्जी दस्तावेज करने व भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धाराएं लगाई थीं।