मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव समेत पांच लोगों को भ्रष्टाचार मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई ने पांच दिन के रिमांड पर लिया है। मामला एंडेवर सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को सरकारी ठेके देने में अनियमितता व घूसखोरी से जुड़ा है।
सीबीआई ने इन आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार ने सीबीआई की अर्जी पर सुनवाई के बाद राजेंद्र कुमार, दिनेश कुमार गुप्ता, संदीप कुमार, अशोक कुमार, तरुण शर्मा से पूछताछ के लिए पांच दिन का रिमांड दिया है।
सीबीआई ने आरोपियों की हिरासत मांगते हुए कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार एक बड़े नौकरशाह हैं और वह गवाहों को धमका रहे हैं।
आरोपियों से पूछताछ जरूरी
इस मामले में करीब 50 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। मामले की जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं जिनकी पुष्टि के लिए आरोपियों से पूछताछ जरूरी है।
सीबीआई ने आरोपियों का रिमांड मांगते हुए राजेंद्र कुमार का लिखा पत्र व उनके ई मेल भी पेश किए। बचाव पक्ष ने कहा कि राजेंद्र कुमार व अन्य आरोपियों के बीच संपर्क का कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया।
इसके जवाब में सीबीआई ने यह पत्र व ई मेल पेश किए। पेश मामले में सीबीआई ने 14 दिसंबर 2015 में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय में छापेमारी करके कई अहम फाइल व दूसरे दस्तावेज बरामद किए थे।
दागी अधिकारियों को बचा रही सरकार
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा है कि स्पेशल सीबीआई कोर्ट द्वारा प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार समेत पांच अधिकारियों को पुलिस हिरासत में भेजने के फैसले से साफ हुआ है कि दागी अधिकारियों को केजरीवाल सरकार जानबूझकर बचा रही थी।
माकन ने कहा है कि प्रथम दृष्टया न्यायालय ने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के बाद मामले में शामिल दोनों सरकारी अधिकारी व तीन अन्य को 5 दिन की पुलिस हिरासत के लिए सही माना है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि मैं अरविंद केजरीवाल से पूछना चाहता हूं, आखिर ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की तरफ से 2015 में बार-बार राजेंद्र कुमार के भ्रष्टाचार को लेकर आगाह किया तो फिर मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानबूझकर नजरअंदाज क्यों किया? क्या ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि राजेंद्र कुमार ने एक बेनामी कंपनी को ठेका 49 दिन की सरकार में भी दिया? माकन ने केजरीवाल को सलाह देते हुए कहा कि, दागी अधिकारी व मंत्रियों को बचाने में ऊर्जा खर्च करने की बजाय वे दिल्ली के लिए कुछ रचनात्मक कदम उठाने पर ध्यान दें।