मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में नाबालिग आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) ने मंगलवार को जमानत प्रदान कर दी है। नाबालिग आरोपी 12वीं की परीक्षा दे चुका है और उसे आगे की पढ़ाई के लिए कई प्रवेश परीक्षाएं देनी हैं। इस आधार पर जेजेबी प्रथम के प्रधान दंडाधिकारी विशाल सिंह ने नाबालिग आरोपी को 50 हजार के निजी मुचलके व एक जमानती की शर्त पर जमानत दे दी है।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अब बालिग हो चुका है। लेकिन वह काफी पहले से कार चला रहा है और कई बार उसका चालान भी कट चुका है। नाबालिग को आदतन अपराधी बताते हुए जेजेबी ने दो बार उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बोर्ड ने इतनी छोटी उम्र में कार चलाने के लिए उसके माता-पिता को जिम्मेदार बताया था। याचिका में नाबालिग आरोपी ने प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का हवाला देते हुए जमानत देने का आग्रह किया था। उसने याचिका में यह भी कहा कि परिवार से अलग रहने के कारण वह डिप्रेशन का शिकार हो गया है।
आरोपी के अधिवक्ता विकास मनचंदा ने कहा कि यहां पर आरोपी के भविष्य का सवाल है और अगर उसे जमानत प्रदान नहीं की जाती है तो उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। वह सुधार गृह में होने के कारण कई प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सका है। अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि नाबालिग की मनोवैज्ञानिक जांच रिपोर्ट देखी जानी चाहिए। थाना सिविल लाइन पुलिस ने 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले नाबालिग आरोपी को पांच अप्रैल को पकड़ा था। एक दिन पहले नाबालिग ने अपनी कार से सिद्धार्थ शर्मा नामक युवक को कुचल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या व अपराध के लिए उकसाने की धारा जोड़ने के बाद नाबालिग के पिता बिल्डर मनोज अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया था। तीस हजारी अदालत ने मनोज को दस अप्रैल को जमानत दे दी थी।