जिला अदालत ने सचिन दत्ता उर्फ पूर्व महामंडलेश्वर की मां त्रिप्ता दत्ता की जमानत अर्जी खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। 27 अप्रैल को सचिन दत्ता की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई होनी है। एसपी क्राइम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि चार लोग समीर, विवेक, अखिलेश और किशोर ने एसएसपी को फर्जीवाड़े की शिकायत दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि सचिन दत्ता, उसकी मां त्रिप्ता दत्ता समेत छह लोगों ने उनके कागजात पर फर्जीवाड़ा कर बैंक से लोन ले लिया है। शिकायत के बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए थे। थाना सेक्टर-58 में सचिन दत्ता, उसकी मां समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। त्रिप्ता दत्ता ने गिरफ्तारी पर रोक और जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई थी।
बता दें कि बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अहिंसा खंड-2 गाजियाबाद में बालाजी रेजिडेंसी का निर्माण कराया था। बिल्डर के पास अलॉटमेंट लेटर, पजेशन लेटर और त्रिपक्षीय समझौता लेटर होता है, लेकिन बिल्डर ने उन्हीं फ्लैटों पर दूसरे लोगों के कागजात लगाकर पीएनबी हाउसिंग से लोन लेकर 1.38 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया था। यह फर्जीवाड़ा 2008 में किया गया था।