साले से उधार लिए 15 लाख रुपये वापस न कर पाने पर व्यापारी शोभित गुप्ता ने मंगलवार दोपहर अगवा कर 18.5 लाख रुपये लूटे जाने का हल्ला मचा दिया।
फजी लूट को सच साबित करने के लिए फाइनेंसर दोस्त से अपने पैरों में दो गोलियां भी लगवा लीं। लेकिन बयानों में विरोधाभास और फिल्म स्टाइल में बताई वारदात से पुलिस को संदेह हुआ।
सात घंटे चली छानबीन के बाद एसपी सिटी ने खुलासा किया कि लूट हुई ही नहीं थी। पुलिस शोभित के दोस्त की तलाश में है।
एसपी सिटी डॉ. अजयपाल ने बताया कि साले लोकेश के 15 लाख रुपये शोभित पर उधार थे। जिसे लौटाने के लिए लोकेश शोभित से तगादा कर रहा था। इसी वजह से शोभित ने लूट की कहानी गढ़ी थी।
लूट की घटना की व्यापारी ने फुलप्रूफ प्लानिंग की थी। कॉल डिटेल और उसकी लोकेशन जांच में सही मिले, इसके लिए वह उस रास्ते से होकर गया, जहां पर उसने लुटेरों द्वारा ले जाने की बात कही।
वारदात के बाद जब व्यापारी और उसके नौकरों से पूछताछ की गई तो उनके बयान अलग-अलग आए। व्यापारी ने बताया था कि वह कैश से भरा बैग लेकर दुकान से गया था, लेकिन नौकरों का कहना था कि वह दुकान से खाली हाथ गए थे।
इसके अलावा साढे़ 18 लाख रुपये शोभित ने कहां से अरेंज किए, वह इसका भी ब्योरा नहीं दे सका था। अकाउंट डिटेल्स खंगाली गई तो पता चला कि उसके अकाउंट में महज 348 रुपये ही हैं।
लूट की इस तरह सुनाई थी पुलिस को कहानी
पंचवटी निवासी शोभित की मालीवाड़ा में स्टेशनरी शॉप है। शोभित ने बताया कि वह दोपहर साढ़े 12 बजे दुकान से कार में पटेलनगर में रिश्तेदार लोकेश के घर जाने के लिए निकले।
न्यू आर्यनगर चौक पर दो बाइक सवार चार बदमाशों ने ओवरटेक कर उन्हें रोका। कार का शीशा उतारते ही बाइकर्स ने उन्हें गन प्वाइंट पर ले लिया। तीन बदमाश कार में घुस गए, जबकि एक बदमाश बाइक पर पीछे चलता रहा।
दूसरी बाइक बदमाशों ने न्यू आर्यनगर चौक पर ही खड़ी कर दी। बदमाशों के कार में घुसने को दौरान उन्होंने अपने साले लोकेश को फोन किया और कहा कि ‘मुझे बचा लो, ये लोग मुझे गोली मार देंगे।’
इसके बाद बदमाशों ने फोन छीनकर बंद कर दिया। गन प्वाइंट पर बदमाश उनसे ही कार चलवाते हुए डायमंड फ्लाईओवर के पास पहुंचे। कार रुकवाकर बदमाशों ने पूछा कि बैग कहां है?
उन्होंने सीट के नीचे से बैग निकालकर बदमाशों को दे दिया। बैग मिलने पर एक बदमाश कार से नीचे उतरा और बाइक से पीछे आ रहे साथी के साथ भाग गया।
दो बदमाश कार में ही बैठे रहे, जो उन्हें कमला नेहरूनगर तक ले गए, जहां कार से उतारकर उनके दोनों पैरों में गोलियां मारी और पैदल भाग गए। कार और मोबाइल छोड़ गए। इसके बाद शोभित कार चलाकर सर्वोदय अस्पताल पहुंचे।
बजती रही कंट्रोल रूम की बेल
लोकेश ने बताया कि शोभित की कॉल पर उन्होंने छोटे भाई अनुराग से कंट्रोल रूम में फोन करने को कहा। अनुराग ने दो बार ट्राई किया, मगर कंट्रोल रूम में बेल बजती रही।
इसके बाद अनुराग ने कविनगर एसएचओ को कॉल की, उनका भी फोन नहीं उठा। चौथा कॉल अनुराग ने एसएसपी के पीआरओ को किया। उनका फोन उठा, तब उन्हें सूचना दी।
व्यापारी ने बताया था कि चार दिन से रकम उसकी शॉप में रखी थी। नौकरों का कहना है कि उन्हें जानकारी उन्हें नहीं थी।
बकौल एसपी सिटी, रात को शोभित से दोबारा पूछताछ की तो उसने खुलासा किया कि रकम का इंतजाम न हो पाने के कारण लूट की फर्जी स्क्रिप्ट तैयार की थी।