गीतांजलि को न्याय मिलने में तीन साल से अधिक का समय लग गया है। बता दें कि गुड़गांव में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। गीतांजलि के परिजनों ने पति रवनीत गर्ग पर उसकी हत्या का आरोप लगाया था।
तीन साल पहले गीतांजलि के भाई प्रदीप अग्रवाल ने सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया था कि उसके बहनोई रवनीत गर्ग ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर उसकी बहन की हत्या कर दी है।
पुलिस ने हत्या व दहेज हत्या का मामला दर्ज कर 19 दिन तक जांच की। जांच के दौरान पुलिस पर उठने वाले सवाल और मौके पर आरोपी पति रवनीत गर्ग की मिली रिवाल्वर के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ने जांच सीबीआई को सौंप दी।
जानिए क्या है पूरा मामला
गीतांजलि मर्डर केस में सीजेएम रवनीत गर्ग गिरफ्तार
- फोटो : फाइल फोटो
सीबीआई की जांच कराने की मांग को लेकर लोगों ने आरोपी पति की कोठी से कैंडल मार्च निकाला। फेसबुक पर गीतांजलि को न्याय दिलाने की मुहिम चली। जिसमें 13,100 लोग सदस्य भी हैं।
इस दौरान पुलिस ने एसीपी अशोक बख्शी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर जांच करायी। भाई प्रदीप अग्रवाल ने आरोपी पर सबूत नष्ट करने का आरोप भी लगाया।
क्या है मामला
: पुलिस ने सीजेएम रहे रवनीत गर्ग के दो लैपटॉप जब्त किये थे।
: पुलिस लाइन में मौके से मिली रिवाल्वर से तीन गोली नहीं बल्कि छह गोलियां चलीं थीं।
: परिजनों ने बताया कि रवनीत गर्ग की चाहत थी कि उसे एक बेटा हो जबकि उसे दो बेटियां थीं।
: पिता ने कहा था कि गीतांजलि के बच्चों की फीस वह देता है।
: एसआईटी को 10 नंबर कोठी से उसके रिश्तेदार व परिजन से पूछताछ के दौरान अहम सुराग मिल थे।
: सीबीआई ने एसआईटी के लोगों का दर्ज किया था बयान।