पंजाब के मानसा में हुए गैंगरेप की पीड़िता को लेकर पंजाब पुलिस बृहस्पतिवार को पहचान कराने सफदरजंग अस्पताल पहुंची थी। अस्पताल प्रशासन ने जांच के बाद पंजाब पुलिस को स्पष्ट कर दिया है कि युवती सफदरजंग अस्पताल की न तो नर्स है और न यहां काम करती है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजपाल ने बताया कि पंजाब पुलिस की एक महिलाकर्मी और एक पुलिसकर्मी युवती को लेकर आए थे।
युवती ने पुलिस को बताया था कि वह सफदरजंग अस्पताल में नर्स है और वसंत विहार गैंगरेप की शिकार बिटिया के इलाज में भी शामिल रही थी, लेकिन जांच के बाद पता लगा कि वह सफदरजंग अस्पताल की न तो नर्स है और न ही कर्मचारी।
नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट व अन्य कर्मियों से भी उसके बारे में पूछा गया, लेकिन किसी ने पहचान नहीं की। यही नहीं युवती कर्मचारी कोड नंबर तक नहीं बता सकी।
यह भी पता चला है कि वह शादीशुदा है और चार साल का बेटा भी है जो नाना-नानी के साथ रहता है। वह मालवीय नगर की रहने वाली बताई जा रही है। पंजाब पुलिस उसे वापस लेकर लौट गई है।