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प्रधानमंत्री कार्यालय के नाम पर ठगी : 83 साल के बुजुर्ग को दिया झांसा

Mon, 06 Jun 2016 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : demo pic
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प्रधानमंत्री कार्यालय के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को एक साप्ताहिक अखबार का पत्रकार बताने वाले शख्स ने 83 साल के बुजुर्ग की कविताएं साउथ अफ्रीका में छपवाने का झांसा देकर उनसे 12 लाख रुपये ठग लिये।
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बाद में बुजुर्ग को प्रधानमंत्री कार्यालय का एक फर्जी लैटर तैयार कर बुजुर्ग को झांसा दिया। लेकिन, शक होने पर बुजुर्ग ने पीएमओ से शिकायत की। पीएमओ की शिकायत पर अपराध शाखा ने आरोपी को दबोच लिया।

इसकी पहचान मुन्ना सिंह (36) के रूप में हुई है। पुलिस ने लैटर तैयार करने में इस्तेमाल किया गया कंप्यूटर भी बरामद कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि भारतीय रेल से रिटायर अधिकारी गंगाराम अग्रवाल (83) ने प्रधानमंत्री कार्यालय से शिकायत की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से आग्रह कर मामला दर्ज करने के लिए कहा।

अपराध शाखा ने फौरन मामला दर्ज कर  छानबीन की तो पता चला कि आरोपी मुन्ना ने अपना घर बदलकर मोबाइल फोन भी बंद कर दिया है। इसके बाद पुलिस ने एक जून को आरोपी मुन्ना जहांगीरपुरी इलाके से दबोच लिया।
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गंगाराम को झांसा दिया कि वह उसकी कविताओं की किताब साउथ अफ्रीका में छपवा देगा

- फोटो : demo pic
पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह एक साप्ताहिक अखबार में संवाददाता के रूप में काम करता था। कुछ दिनों पूर्व दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में उसकी मुलाकात गंगाराम अग्रवाल से हुई। मुन्ना ने गंगाराम को झांसा दिया कि वह उसकी कविताओं की किताब साउथ अफ्रीका में छपवा देगा।

इसके बाद उसे इसकी मोटी रॉयल्टी मिलेगी। गंगाराम इसके झांसे में आ गया। आरोपी ने पीड़ित से 12 लाख रुपये ऐंठ लिये। इधर, काफी दिनों बाद भी जब गंगाराम की किताब नहीं छपी तो उसने मुन्ना पर दबाव बनाया।

मुन्ना ने उन्हें बताया कि मंत्रालय में उनकी किताब छपी है। आरोपी ने पीएमओ के नाम से एक फर्जी सिफारिशी पत्र लिखकर गंगाराम को दिया। गंगाराम ने जब उसकी छानबीन की तो वह नकली निकला।

इसके बाद गंगाराम ने पीएमओ से शिकायत की। तब जाकर मुन्ना को दबोचा गया। आरोपी ने बताया कि वह बिहार का रहने वाला है। 2006 में दिल्ली आकर उसने हॉकर की नौकरी शुरू की। बाद में वह साप्ताहिक अखबार का रिपोर्टर बन गया।
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