महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के नाम की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी देने के बहाने 4000 युवाओं से ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट के जरिये 6715 शिक्षकों व अन्य पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाकर युवाओं से फीस हड़प ली।
मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि उसे दो साथी फरार हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान सिद्धार्थ एंक्लेव, सोनीपत निवासी सुमित कुमार (27) के रूप में हुई है। सुमित ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर वेबसाइट बनाकर ठगी की थी।
नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त बीके सिंह ने बताया कि पिछले दिनों महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंडर सचिव एमके प्रभात ने संसद मार्ग थाने में नौकरी के नाम पर युवाओं के साथ ठगी की शिकायत दी थी।
ऐसे दिया सुमित ने वारदात को अंजाम
fake website designed for fraudulent
प्रभात ने बताया कि फर्जी वेबसाइट पर मंत्रालय का लोगो (प्रतिक चिह्न) का इस्तेमाल कर युवाओं से ठगी की गई है। उनके मुताबिक मंत्रालय ने इस तरह के कोई भी पदों के लिए आवेदन नहीं मंगाए हैं।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने फौरन मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। जांच के दौरान पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के उस खाते ही जांच की, जिसे आवेदनकर्ताओं को ऑनलाइन रुपये जमा कराने के लिए कहा गया था। बैंक अकाउंट के जरिये पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। सुमित ने अपना अपराध भी कबूल कर लिया।
सुमित दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम करने के बाद एलएलबी की पढ़ाई कर चुका है। पढ़ाई के इसी दौरान उसकी मुलाकात अनिप और नवित्रा नागपाल से हुई। तीनों ने मार्च 2017 में महिला एवं बाल विकास संगठन के नाम से एक एनजीओ पंजीकृत कराया।
इसके बाद इसी नाम से एक वेबसाइट भी बनवा ली गई। आरोपियों ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का लोगो वेबसाइट में इस्तेमाल कर लिया। संगठन का एक आईसीआईसीआई बैंक में एक खाता भी खुलवाया गया। बाद में वेबसाइट के जरिये 6715 पदों पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। आवेदन शुल्क को बैंक खाते मेें जमा करने को कहा गया था।
करीब 20 लाख रुपये की ठगी
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने देशभर के करीब 4000 युवाओं से 20 लाख से अधिक की रकम ठगी है। आवेदन करने के दौरान युवाओं ने ऑनलाइन अपनी रकम करोलबाग के बैंक में ट्रांसफर की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि सुमित बैंक के खाते से तीन लाख रुपये निकाल भी चुका है। पुलिस सुमित से पूछताछ कर उसके बाकी साथियों की तलाश कर रही है।
आरोपी ने जज बनने की दी थी परीक्षा
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि सुमित पढ़ने लिखने में बेहद होशियार है। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया है कि पिछले दिनों उसने न्यायिक सेवाओं के लिए परीक्षा दी थी। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है जिसे वह वारदात के दौरान इस्तेमाल करता था।