देश के प्रधानमंत्री एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रहे हैं, वहीं राजधानी में एक महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे कोमहज बेटी होने के शक में मार दिया गया। हत्यारे कोई और नहीं अजन्मे बच्चे का पिता और दादी है, जिन्होंने पहले तो महिला को गर्भपात कराने का दबाव बनाया।
फिर तैयार न होने पर महिला के पेट पर लात मारकर उसका जबरन गर्भपात करवा दिया। पीड़िता ने अपने पति और सास के खिलाफ दिल्ली के डाबड़ी थाने में शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पीड़िता की सास से पुलिस की पूछताछ जारी है।
जानकारी के मुताबिक, हेमा (22) अपने पति हिमांशु यादव, सास राजेश और डेढ़ साल की बेटी के साथ राजापुरी में रहती है। हेमा ने वर्ष 2014 में हिमांशु से प्रेम विवाह किया था। वह कुछ दिन पहले दूसरी बार गर्भवती हुई। हेमा का आरोप है कि इस बात की जानकारी मिलने पर उसकी सास ने दूसरी भी बेटी होने की बात कहकर उसे गर्भपात करवाने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया।
सास ने मारी पेट पर लात और पति ने दीवार में मारा सर
पुलिस
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हेमा के मुताबिक, इसके बाद उसकी सास का रवैया बदल गया। वह उसे प्रताड़ित करने लगी। गत 27 मई की रात हेमा की सास और पति ने उसे जबरदस्ती गर्भपात करवाने को कहा। उनकी बात नहीं मानने पर दोनों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी।
सास उसके पेट पर लात मारने लगी जबकि पति ने सिर को दीवार पर दे मारा। दीवार पर सिर लगने से चक्कर आने लगा। उसने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस और अपनी मां को दी। ससुराल से दो गली दूर रहने वाली हेमा की मां तुरंत वहां पहुंची। हेमा खून से लथपथ थी।
परिवार वाले उसे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल होने से उसे माता चानन देवी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची।
जहां पता चला कि हेमा का गर्भपात हो चुका है। पुलिस ने हेमा के बयान पर उसके पति और सास के खिलाफ हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर लिया। हेमा का आरोप है कि उसकी सास ने ही पेट में पल रहे बच्चे की हत्या की है इसलिए उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।