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तिहाड़ जेल से भेजा मौत का फरमान, स्पेशल सेल ने अपराधी को लिया रिमांड पर

Sat, 18 Jun 2016 02:01 AM IST
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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तिहाड़ जेल
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तिहाड़ जेल से एक बार फिर रंगदारी व मौत की घंटी की गूंज सुनाई दी है। एक शातिर अपराधी ने पहले तो दो कारोबारियों को फोन कर रंगदारी मांगी। पुलिस ने कारोबारियों की शिकायत पर जब उसे गिरफ्तार कर लिया तो उसने जेल में बैठे-बैठे मोबाइल फोन से मौत का फरमान जारी कर दिया। इस मामले ने तिहाड़ जेल में मोबाइल की उपलब्धता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
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दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर इस खूनी साजिश को फिलहाल नाकाम कर दिया है। स्पेशल सेल ने इस सिलसिले में तिहाड़ जेल में बंद एक अपराधी हरसिमरन बादल को एक दिन के रिमांड पर लिया है।

पटियाला हाउस स्थित ड्यूटी एमएम स्निग्धा सरवरिया ने बादल से पूछताछ के लिए स्पेशल सेल को एक दिन का रिमांड दिया है। बादल को प्रोडक्शन वारंट पर शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया था।
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सर्विलांस के जरिये हुई बातचीत रिकॉर्ड

स्पेशल सेल ने रिमांड मांगते हुए कहा कि उसने जेल से मोबाइल पर एक गुर्गे निशु को कारोबारी पर या उसके घर पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने का आदेश दिया था। दोनों के मोबाइल सर्विलांस के जरिये हुई बातचीत को रिकार्ड किया गया था।

पुलिस ने रिमांड मांगते हुए कहा कि बादल और निशु से आमने-सामने पूछताछ करनी है। बादल की आवाज के नमूने लेने हैं और उसके तीसरे साथी के ठिकाने के बारे में पूछताछ करनी है। पुलिस निशु को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। स्पेशल सेल ने इस बाबत बादल व अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया है।

वहीं पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि उनके मुवक्किल ने कोई साजिश नहीं की है क्योंकि कोई अपराध हुआ ही नहीं है। फिर इस मामले में साजिश किस अपराध की हुई। स्पेशल सेल ने यह मामला मोबाइल सर्विलांस के आधार पर दर्ज किया है, लेकिन आरोपी का रिमांड मांगते हुए पुलिस ने इस बात का कोई जिक्र नहीं किया कि अति सुरक्षा वाली तिहाड़ जेल में उसे मोबाइल कहां से और कैसे मिला।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में शालीमार बाग निवासी दो कारोबारियों की शिकायत पर रंगदारी मांगने व धमकी देने का केस बादल के खिलाफ दो जून को दर्ज किया था। पुलिस ने इसके बाद बादल को गिरफ्तार कर लिया था।
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