फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला लाइव: डकैतों को दावत दे रहे बैंक

Sat, 19 Mar 2016 09:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
arrest - फोटो : demo
विज्ञापन
रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाले बैंक और गोल्ड लोन कंपनियां सुरक्षा को लेकर लापरवाह हैं। बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था में खामी देख पुलिस भी भौंचक्का रह गई। कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को बैंक व गोल्ड लोन कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
विज्ञापन


सोमवार को हुई करोड़ों रुपये की डकैती के बाद भी सुरक्षा के उपायों को नहीं सुधारा गया है। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। किसी बैंक का सीसीटीवी कैमरे खराब है तो किसी का सायरन, ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोगों के जमा किए गए पैसों और कीमती संपत्ति की सुरक्षा के लिए संस्थाएं कितनी सतर्क हैं।

अव्यवस्थित सुरक्षा व्यस्था देख पुलिस ने इसमें जल्द ही सुधार करने के सख्त निर्देश दिए। चेकिंग अभियान में पुलिस के साथ हर पल मौजूद रहे गौरव चौधरी की रिपोर्ट। 
विज्ञापन


दोपहर: 12:06 बजे 
स्थान : एनआईटी पंजाब नेशनल बैंक 
कोतवाली के सब-इंस्पेक्टर सत्यनारायण बैंक के गेट पर पहुंचे तो वहां तैनात पुलिसकर्मी उन्हे देखकर अलर्ट हो गये। मैनेजर के केबिन में पहुंच कर सीसीटीवी कैमरे की जांच शुरू की गई। सीसीटीवी और अलार्म ठीक मिले। कोतवाली थाना क्षेत्र की यह सबसे बड़ी ब्रांच है।

दोपहर :12:40 बजे 
स्थान: बीके चौक स्थित मुथूट फाइनेंस कंपनी 
बीके चौक स्थित मुथूट फाइनेंस कंपनी के बंद गेट पर गार्ड तैनात था। जब पुलिस वहां पहुंची तो गार्ड मेटल डिटेक्टर से लोगों को चेक कर रहा था। पूछे जाने पर गार्ड मेटल डिटेक्टर के बारे में  कुछ नहीं बता सका, बोला उसे यह मशीन ऐसे ही लोगों को लगाने के लिए बोला गया है। मैनेजर रूम में पहुंच कर सीसीटीवी की जांच की गई। गेट के बाहर लगा सीसीटीवी खराब था और अंदर लगे कैमरे घटिया क्वालिटी की तस्वीर दिखा रहे थे। जिनमें कुछ साफ नहीं दिखाई दे रहा था।

दोपहर:1:10 बजे 
स्थान : एक दो चौक के पास करूर वैश्य बैंक 
बैंक के बाहर गार्ड बंदूक के साथ मुस्तैद मिला। जांच में उसकी बंदूक में गोलियां ही नहीं मिलीं। गोलियां उसने कैरी बैंग में रखी थीं। अगर बदमाश आ जाए तो गार्ड का मौके पर होने का कोई फायदा नहीं। बैंक मैनेजर के रूम में पहुंच कर सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई तो बाहर लगे कैमरे के आगे बैंक  का बैनर लगा हुआ था। जिसके कारण बाहर का कुछ साफ नहीं दिखाई दे रहा था। कैमरे की पिक्चर क्वालिटी को देखा गया तो उसमें कुछ भी साफ नहीं  दिखाई दे रहा था। सायरन बजाने के लिए कहा गया तो वह बजा नहीं । काफी देर बाद  सायरन बजा तो उसके स्पीकर निकले पड़े थे। इसके बाद वहां पर मौजूद सब-इंस्पेक्टर सत्यनारायण ने बैंक अधिकारियों को चेतावनी दी की जल्द से जल्द सुरक्षा में सुधार लाया जाए। 

दोपहर:1:35
स्थान: गोल्ड सक कंपनी
यहां पर पुलिसकर्मियों ने पहुंच कर जांच की तो पता चला की यहां पर स्टाफ की काफी कमी है। सायरन सिर्फ कंपनी के अंदर ही बज रहा था। कैमरों की रिपेयरिंग का काम चल रहा था। यहां भी गार्ड ने गन में गोलियां ही नहीं डालीं थी। 

कोतवाली के एएसआई सत्यनारायण ने भी बैंक, फाइनांस-नॉन फाइनांस कंपनियों को सायरन, सिक्योरिटी गार्ड, मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरे जल्द से जल्द लगवाने के सख्त निर्देश जारी किए। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें