गैंगरेप पीड़िता बिटिया का हाल देख काउंसलर भी कांप उठे। मंगलवार रात को पीड़िता के घर पहुंचे दोनों काउंसलरों ने काफी देर तक बिटिया से बातचीत की कोशिश की लेकिन वह इस कदर सदमे में है कि मुंह से बोल नहीं निकल रहे।
काउंसलरों का कहना है कि वारदात से किशोरी के मन पर गहरा आघात लगा है। थोड़े वक्त बाद सदमे से उबारने के लिए इसकी काउंसलिंग की जाएगी। घुप्प अंधेरे में डूबी सीढ़ियां दो मंजिले पर जाती हैं।
दूसरी मंजिल पर एक कमरा है और छोटा सा बरामदा। बरामदे के ऊपर खुली छत। इन दिनों बरामदे व छत पर नेताओं का मेला लगा रहता है। मीडियाकर्मियों का हुजूम है और तमाशबीनों की भी कमी नहीं।