दिल्ली के कनॉट प्लेस पर दरिंदगी के बाद 51 वर्षीय डेनमार्क की महिला बहुत डरी हुई थी। देर रात पुलिस ने उसकी काउंसिलिंग भी कराई, लेकिन वह मेडिकल कराने को तैयार नहीं हुई और बुधवार सुबह अपने देश वापस लौट गई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस को मजबूत बनाने और महिला को न्याय दिलाने के लिए दिल्ली पुलिस डेनमार्क दूतावास के जरिये पीड़िता का उसके ही देश में मेडिकल कराने की मांग करेगी। महिला ने पुलिस को आश्वासन दिया है कि जरूरत पड़ने पर केस की सुनवाई के लिए भारत आ जाएगी।
बुधवार को उसका वापसी का टिकट भी था। महिला से ईमेल आईडी व अन्य चीजें ली गई हैं। जरूरत पड़ने पर वीडियो कांफ्रेंसिंग की मदद भी ली जाएगी। टूरिस्ट गाइड महिला ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी जुटाने के लिए एक बार पहले भी भारत आई थी।
पुलिस को नशेड़ियों पर शक
कनॉट प्लेस पर डेनमार्क की महिला से गैंगरेप की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए 15 से 20 टीमों को लगाया है। खुद दिल्ली पुलिस आयुक्त मामले पर नजर रखे हुए हैं। बताया जा रहा है कि रेलवे अधिकारी क्लब के पास जहां वारदात हुई वहां पर अक्सर नशेड़ी देखे जाते हैं। पुलिस ने 15 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
रेप की प्रकृति समझने की जरूरत: केजरीवाल
दिल्ली में रेप या गैंगरेप की घटनाएं इतनी ज्यादा क्यों हो रही हैं? सिर्फ नैतिकता गिरने की बात कहकर हम इसे टाल नहीं सकते। डेनमार्क की महिला से गैंगरेप की घटना को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग से बुधवार को मुलाकात के बाद यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘रेप के मामलों की प्रकृति समझने या अध्ययन करने की जरूरत है कि आखिर घटनाएं किस तरह की हैं? घटना के स्थान, रेप करने वाले व्यक्ति और किस हालात में रेप हुए? इसके अध्ययन से समस्या सामने आएगी, जिस पर हम सब को मिलकर कार्रवाई करने की जरूरत है।
उपराज्यपाल व पुलिस आयुक्त मुख्य न्यायाधीश से मिलकर रेप के मामले जल्द निपटाने की मांग की जाएगी। जो पुराने मामले लंबित हैं उनके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर जल्दी-जल्दी निपटाए जाने चाहिए।