राजनगर एक्सटेंशन में सोमवार रात दिल्ली के सिविल इंजीनियर और कारोबारी से कार लूट कर भाग रहे बदमाशों और पुलिस के बीच एनएच-58 पर मुठभेड़ हुई।
सिहानी गेट और मोदीनगर पुलिस ने करीब 30 किमी तक बदमाशों का पीछा किया। कादराबाद के पास दोनों तरफ से गोलियां चलीं। आधा घंटा मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों तरफ का ट्रैफिक रोक दिया गया।
पुलिस की फायरिंग में पैर में गोली लगने से एक बदमाश जख्मी हो गया। घायल समेत दो बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया, जबकि उनके दो साथी भाग गए।
बदमाशों के पास से लूटी गई कार, एक बाइक, तमंचा और पिस्टल बरामद की है। मोदीनगर पुलिस ने दोनों लुटेरों को नौ अप्रैल को लूट की प्लानिंग करने में जेल भेजा था। हाल में ये छूटे थे।
एसपी सिटी डॉ. अजयपाल ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में मनीष दौराला और अतुल अंबेडकर नगर थाना ब्रहमपुरी मेरठ का है। इनके मेरठ के ही दो साथी अमित और बंटी भाग गए।
इन चारों ने सोमवार आधी रात राजनगर एक्सटेंशन में वीवीआईपी कट से दिल्ली मयूर बिहार फेस-1 में रहने वाले इंजीनियर विजय चौधरी से कार से ओवरटेक कर गन प्वाइंट पर उनकी कार, पर्स और दो मोबाइल लूट लिए थे।
मारपीट कर उन्हें कार से गिराकर मेरठ की ओर भाग निकले। विजय सिविल इंजीनियर हैं और प्रॉपर्टी के कारोबार से भी जुड़े हैं। उन्होंने राहगीर राजकुमार की मदद से कंट्रोल रूम में फोन कर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शहर में नाकाबंदी कर बदमाशों का पीछा किया। सिहानी गेट और मोदीनगर पुलिस ने कादराबाद में बदमाशों को घेर लिया।
एसपी सिटी का दावा है कि बदमाशों ने पुलिस पर करीब 10 राउंड फायरिंग की, जवाब में पुलिस ने भी बदमाशों पर गोलियां चलाईं। एक गोली अतुल के पैर में लगी है, इस दौरान बदमाशों के दो साथी अपनी कार से भाग गए।
घायल अतुल और उसके साथी मनीष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अतुल जिला अस्पताल में भर्ती है। पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज चल रहा है।
योग गुरु रामदेव के अकाउंटेंट को भी लूटने की थी प्लानिंग
एसपी सिटी ने बताया कि मनीष के खिलाफ लूट के 23 मामले दर्ज हैं। अतुल के खिलाफ पांच आपराधिक मामले पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं, हालांकि पुलिस का दावा है कि वह करीब 12-15 से अधिक लूट की वारदात को अंजाम दे चुका है।
मनीष वर्ष 2011 में साथियों संग मिलकर बाबा रामदेव के अकाउंटेंट से 70 लाख लूटने वाला था, इससे पहले ही सूचना लखनऊ एसटीएफ को लग गई थी। एसटीएफ की टीम ने मुजफ्फरनगर में उसे गिरफ्तार कर लिया था।
लूट के वाहनों से सर्राफ को बनाते थे निशाना
मनीष लूट के वाहनों से मेरठ और गाजियाबाद के सर्राफा व्यापारियों को निशाना बनाता था। एसपी सिटी ने बताया कि बदमाशों का प्लान इस बार भी इंजीनियर की लूटी गई कार से किसी सर्राफ को लूटने का था, इन्हें पीसीआर पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
वारदात की कहानी, पीड़ित की जुबानी
विजय चौधरी ने बताया कि वे देहरादून में बुआ के घर से मेरठ के रास्ते दिल्ली जा रहे थे। एएलटी कट से राजनगर एक्सटेंशन के लिए टर्न लिया। करीब 300 मीटर आगे चलते ही वैगनार कार में सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर उनकी कार के आगे अपनी कार खड़ी कर दी।
दोनों कारों में मामूली भिड़ंत भी हुई। दो बदमाश कार से उतरे, उनकी कार का शीशा तोड़कर उन्हें गनप्वाइंट पर लिया। दूसरे बदमाश ने कार के दरवाजे खुलवाए, पर्स, मोबाइल और कार लूटी। शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी थी।
कादराबाद चेक पोस्ट पर बैरियर लगाकर रोके बदमाश
पुलिस ने बदमाशों को कादराबाद चेक पोस्ट पर बैरियर लगाकर रोका। इस दौरान जाम लग गया। जाम देख बदमाश कार चेक पोस्ट पर छोड़कर फायरिंग करते हुए खेतों की ओर भागने लगे।
हर बार की पुलिस पर फायरिंग
एसपी सिटी ने बताया कि बदमाशों की बेखौफी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ये जब भी पुलिस को मिले, हर बार इन्होंने पुलिस पर फायर झोंके। गनीमत रही कि गोली किसी पुलिसवाले को नहीं लगी।