लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद रिलैक्स हुए अफसरों को खुफिया विभाग ने चौकन्ना कर दिया है।
एलआईयू ने रिपोर्ट दी है कि नरेंद्र मोदी के पीएम पद की श्ापथ लेने के बाद कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। लिहाजा 30 मई तक खासतौर पर अलर्ट रहने की जरूरत है।
दूसरी तरफ, खुराफाती दंगों और हिंसक संघर्ष के दौरान जान-माल के नुकसान को बचाने और हालात पर जल्दी काबू पाने के उद्देश्य से यूपी पुलिस नॉन लीथल वेपन से लैस हो रही है।
पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद से गाजियाबाद को 12 एंटी रॉयट गन आवंटित किए गए हैं, जो जल्द ही मिल जाएंगे।
खुफिया विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां की कानून व्यवस्था का असर प्रदेश के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ता है। लिहाजा कानून व्यवस्था की बेहतरी के लिए प्रशासनिक अमले को पूरी ताकत के साथ जुटने की जरूरत है।
आईजी जोन आलोक शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि हर घटना को भी गंभीरता से लिया जाए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त गश्त करें।
संवेदनशील इलाकों की चौकसी बढ़ाई जानी चाहिए। बता दें कि गाजियाबाद संवेदनशील जिलों में से एक है। यहां पहले भी बवाल हो चुके हैं।