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बस से टकराई कार, जिंदा जला सिविल इंजीनियर

Tue, 06 Dec 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

यमुना एक्सप्रेस पर हादसे के बाद दोनों वाहनों में लगी भीषण आग
कार में फंसने के कारण नहीं बच पाया इंजीनियर, बस चालक पर केस
इंजीनियर के छोटे भाई और बस सवारों ने गाड़ी से उतर बचाई जान
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हादसे में जली कार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार रात सिविल इंजीनियर की कार एक सीएनजी बस से टकरा गई। इस दौरान सीएनजी सिलेंडर फटनेे से दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। हादसे में सिविल इंजीनियर जिंदा जल गया, जबकि कार में उसके साथ मौजूद भाई बाल-बाल बच गया।
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इंजीनियर के छोटे भाई की शिकायत पर पुलिस नेे अज्ञात बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मूलरूप सेे जिला अंबेडकर नगर निवासी पवन उपाध्याय नेे पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भाई दीपक उपाध्याय डेल्टा-1 एफ ब्लॉक में रहता था।

वह नोएडा सेक्टर-150 स्थित निजी कंपनी में सिविल इंजीनियर पद पर कार्यरत था। रविवार रात नौ बजे दोनों भाई कंपनी से सेंट्रो कार में सवार होकर डेल्टा-1 स्थित घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार यमुना एक्सप्रेसवे पर गलगोटिया वियवविद्यालय के पास पहुंची, तभी आगे चल रही बस के चालक ने अचानक ब्रेक लगा  दिए।
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इससे कार बस से जा टकराई। हादसे में बस का सीएनजी सिलेंडर फट गया और दोनों वाहनों में आग लग गई। पवन उपाध्याय और बस में सवार लोगों ने समय रहते गाड़ी से उतरकर जान बचाई। इसके बाद बस चालक फरार हो गया।

दोनों वाहनों में तेज भिड़ंत के कारण दीपक घायल होने के बाद स्टीयरिंग और सीट में फंस गया और कार में ही जलकर उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे दमकल वाहनों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों वाहन बुरी तरह जल चुके थे।

यमुना  एक्सप्रेसवे पर बिना सिग्नल दिए बस में अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रही कार उससे टकरा गई और सीएनजी सिलेंडर फटने से दोनों वाहनों में आग लग गई। आरोपी बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।-मनीष कुमार शर्मा, थाना प्रभारी, नॉलेज पार्क
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हादसे को लेकर सवाल भी उठे

इंजीनियर दीपक - फोटो : अमर उजाला
हादसे को लेकर सवाल भी उठे :
यमुना एक्सप्रेसवेे पर रविवार देर रात कार और बस में लगी आग इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन और कार में मौजूद इंजीनियर दीपक का शव बुरी तरह जल गया था। मौके पर पहुंचे परिजनों ने कार की हालत और शव देखकर कहा कि दीपक के साथ ऐसा कैसे हो सकता है।

पुलिस के मुताबिक सेक्टर डेल्टा-1 के एफ ब्लॉक में रहने वाले दीपक उपाध्याय ने नोएडा में पढ़ाई की थी। उसका एक तीन वर्ष का बेटा है। रविवार देर रात हादसे की सूचना उसके भाई पवन ने परिजनों को दी। सूचना मिलने पर परिजन घटनास्थल पर पहुंचे।

कार व उसमें पड़े जले हुए शव को देखकर परिजनों ने कहा दीपक के साथ ऐसी घटना कैसे हो सकती है। कार पूरी तरह से जली हुई थी और शव भी पहचानने के काबिल नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी भयंकर थी कि दमकल कर्मियों को यमुना एक्सप्रेसवे के दूसरी ओर वाहन खड़े कर आग पर काबू पाना पड़ा।

इस दौरान यातायात भी बाधित हुआ। सोमवार देर शाम तक परिजन दीपक का पोस्टमार्टम कराकर नोएडा से नहीं लौटे। घर पर केवल दीपक की पत्नी और कुछ रिश्तेदार मौजूद थे। हालांकि पवन का दावा है कि वह घटना के वक्त मौके पर कार में ही मौजूद था लेकिन हादसे के बाद वह बदहवास हो गया और पुलिस व परिजनों को कभी कुछ कहता तो कभी कुछ।

शुरूआत में पुलिस को भी उसकी बातों पर शक हुआ। पुलिस को लगा कि अगर यह कार में मौजूद था तो उसे चोट क्यों नहीं लगी। लेकिन जब पवन ने पुलिस को बताया कि हादसे के वक्त कार का अगला हिस्सा भाई दीपक की तरफ से टकराया था।

इसके बाद जैसे ही आग लगी तो वह बाहर निकल गया लेकिन भाई को नहीं बचा सका। इतना ही नहीं बस में जो भी सवारियां थीं, वह हादसे के बाद वहां बस से उतकर मौके से भाग गईं। क्योंकि उन्हें डर था कि सीएनजी में विस्फोट हो सकता है। रात के वक्त वहां से गुजर रहे वाहन चालक भी मदद करने के बजाय डर के कारण चले जाते रहे। कुछ लोगों ने रुककर मदद का प्रयास भी किया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
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