मां बेटी से गैंगरेप की वारदात के बाद हाईवे-91 से सटे दोस्तपुर में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। कुछ घरों में ताले लटके हैं। अधिकांश युवा गांव में नहीं हैं। गांव वालों ने बताया कि पुलिस पूछताछ की आड़ में परेशान कर रही है।
इसलिए गांव में चहल-पहल कम है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम गांव दोस्तपुर पहुंची। गांव में सन्नाटा पसरा था। गांव में बुजुर्ग और महिलाएं जरूर काम धाम में व्यस्त थी।
हालांकि गांव में नए आदमी को देख महिला और बुजुर्गों के हाव भाव भी बदले बदले दिखाई दिए। कई मकानों में ताला लटका पड़ा था। ग्रामीणों ने बताया परिवार रिश्तेदार के झार गए हैं।
मीडियाकर्मियों से बात करने से बचते दिखे ग्रामीण
बुलंदशहर गैंगरेप
- फोटो : अमर उजाला
गांव निवासी आशीष, कुसुमदेवी, जितेंद्र पाल ने बताया कि हाईवे किनारे अकसर छेड़छाड़ और छीन झपट की घटनाएं होती रहती है। पुलिस एक जगह कहीं छाया में खड़ी होकर आराम फरमाती है।
गांव में मीडियाकर्मियों का जमावड़ा होने के बाद भी घरों के दरवाजे बंद रहे। ग्रामीण मीडियाकर्मियों से बात करने से बचते दिखे।
हालांकि जितने भी लोग अमर उजाला टीम को मिले सबने बेबाक ढंग से कहा कि हाइवे के हैवानों से गांव वालों का कोई कनेक्शन नहीं है। हाइवे के किनारे जो हुआ वह सामान्य का नहीं बल्कि शातिर अपराधियों का काम है।