बिसाहड़ा गांव में हुई घटना के दौरान मंदिर में मौजूद रहे पुजारी के चल-अचल संपत्ति बेचकर गायब होने के बात सामने आ रही है। है। ग्राम प्रधान ने इस संबंध में पुलिस को लिखित जानकारी दी है।
हालांकि मामले में पुलिस खुलकर कोई जानकारी नहीं दे रही है। सूत्रों के मुताबिक पुजारी न तो इस केस में गवाह था और न ही उसे आरोपी ही बनाया गया। अब इकलाख पक्ष के अधिवक्ता ने पुजारी को कोर्ट में तलब कराने की बात कही है।
बिसाहड़ा गांव में 28 सितंबर 2015 को इकलाख की हत्या से पूर्व यहां स्थित मंदिर के लाउडस्पीकर से गोकशी की जानकारी देने का मामला सामने आया था।
बताया गया था कि मंदिर के लाउडस्पीकर से एलान होने के बाद ही लोग जमा हुए और फिर इकलाख की हत्या कर दी गई। उस दौरान मंदिर में मौजूद पुजारी सुखदास उर्फ सुखवीर ने दो युवकों के माइक छीनकर एलान करने की जानकारी दी थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि बहुचर्चित घटना में उक्त मंदिर के पुजारी को पुलिस ने न तो गवाह बनाया है और न ही उसे घटना की साजिश में ही शामिल किया था। इसके चलते इकलाख पक्ष के अधिवक्ता पुजारी को अदालत में तलब कराएंगे।