दृश्यम फिल्म देखकर चाचा-भतीजे ने पड़ोसी को गोली मारकर उसकी हत्या करने का प्रयास किया लेकिन पड़ोसी बच गया। फिल्म देखकर आरोपियों ने साजिश के तहत बालाजी मेहंदीपुर जाने का दिखावा भी किया।
लेकिन पुलिस की छानबीन में आरोपियों की पोल खुल गई। न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने आरोपी चाचा दीपक शर्मा (38) और उसके 16 साल के नाबालिग भतीजे को दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान दीपक ने बताया कि पड़ोसी अशोक उसकी भाभी व नाबालिग की मां पर बुरी नजर रखता था। इसलिए उसने अशोक की हत्या करने की योजना बनाई। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद हुई।
दोनों से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि 5 अगस्त को गली नंबर-8, ब्रह्मपुरी निवासी अशोक कुमार उर्फ काले (37) घर के बाहर खड़ा था।
इस बीच बाइक सवार आरोपियों ने उसे गोली मार दी। गोली अशोक के कंधे में लगी। अस्पताल में पुलिस को दिए बयान में पीड़ित ने पड़ोसी दीपक पर गोली चलाने का शक जाहिर किया।
पड़ोसी रखता था नाबालिग की विधवा मां पर बुरी नजर
पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
छानबीन की तो पता चला कि वारदात वाले दिन दीपक व उसका भतीजा मेहंदीपुर बालाजी गए थे। मामले की छानबीन के लिए एएसआई नरेश, एचसी लायक अली, सुधीर और सिपाही सुबोध व मनोज की टीम बनाई गई।
दीपक से पूछताछ हुई तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा। उसका कहना था कि घटना के समय वह दिल्ली में ही नहीं था। मेहंदीपुर में इसकी सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है।
पुलिस को आरोपी गुमराह करता रहा। लेकिन पुलिस ने जब चाचा-भतीजे के बयान लिए तो अलग-अलग मिले। सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या के प्रयास की बात कबूल कर ली।
आरोपी ने बताया कि अशोक उसकी विधवा भाभी पर बुरी नजर रखता था। इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने दृश्यम फिल्म देखकर उसकी हत्या की योजना बनाई।
वारदात वाले दिन दोनों ने सबको बताया कि वे बालाजी दर्शन के लिए जा रहे हैं। लेकिन जाने से पहले चाचा-भतीजे ने अशोक को गोली मारी, बाद में वे सभी को चकमा देने के लिए आईएसबीटी कश्मीरी गेट से बस पकड़कर बालाजी रवाना हो गए।