सीबीआई की टीम मंगलवार रात बीके बंसल को लेकर नीलकंठ अपार्टमेंट पहुंची। बीके बंसल रोते-बिलखते अपने घर पहुंचा। बेटी और पत्नी की मौत ने उसे बुरी तरह तोड़ दिया।
रोते हुए उसने मीडिया से कहा, जो होना था वह हो गया, सब ऊपर वाले की मर्जी है। करीब 15 मिनट सोसायटी में रुकने के बाद सीबीआई की टीम उसे वापस लेकर चली गई।
बेटे योगेश का नहीं चला पता
बीके बंसल के बेटे से पुलिस का संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि योगेश कहां है। बुधवार सुबह नेहा और सत्यबाला के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
रात की तलाशी को लेकर सोसायटी में रोष
मां-बेटी ने दी जान
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिश्तेदारों या परिवार के किसी सदस्य के आने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
रात की तलाशी को लेकर सोसायटी में रोष
नीलकंठ अपार्टमेंट के लोगों में सत्यबाला और नेहा की मौत से काफी रोष दिखा। लोगों का कहना था कि सीबीआई की टीम ने दो दिनों तक पूरी रात परिवार से पूछताछ करने के अलावा घर की तलाशी ली।
इसकी वजह से सत्यबाला और नेहा काफी परेशान हो गई थीं। सोसायटी निवासियों ने कहा कि अगर परिवार के मुखिया ने गलती की थी, तो उसके पूरे परिवार को सजा क्यों मिली थी। सीबीआई को दिन में पूछताछ करना चाहिए थी। सीबीआई के दबाव और बदनामी की वजह से परिवार ने ऐसा कदम उठा लिया।