एनएच-58 के नजदीक गुलधर गेट के पास आटो चालक निर्मल कुमार (23) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह उसका शव पड़ा मिला। सिहानी गेट कोतवाली पुलिस दिनभर इसे सड़क दुर्घटना का मामला बताती रही। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ हादसे की रिपोर्ट भी दर्ज कर ली।
लेकिन शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीठ में गोली लगी मिली तो पुलिस के दावे काफूर हो गए। पुलिस अपने बचाती नजर आई। देर रात एक्सीडेंट में लिखे केस को हत्या की धारा में तरमीम कर लिया गया। परिजन पुलिस पर दबाव बनाकर हादसे की तहरीर लिखवाने का आरोप लगा रहे हैं।
निर्मल हरवंश नगर घूकना का रहने वाला था। चार माह पहले उसकी शादी हुई थी। पिता राकेश ने बताया कि निर्मल पुराने बस अड्डे पर आटो चलाता था। मंगलवार रात वह घर नहीं लौटा, परिजनों ने रात भर उसकी तलाश की। बुधवार सुबह एनएच-58 के नजदीक घूकना चौकी क्षेत्र के गुलधर के पास सर्विस रोड पर उसका शव मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। परिजनों को हादसे में मौत की बात बताई। लेकिन पीएम रिपोर्ट ने पुलिस के दावे की कलई खोल दी। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें शव सामने से दिखाया, पीठ नहीं दिखाई।
हत्या का शक जाहिर करने के बावजूद उनसे हादसे की तहरीर लिखवाई. दूसरी तरफ, एसएचओ अशोक सिसोदिया ने बताया कि शुरुआत में एक्सीडेंट को मौत का कारण माना जा रहा था। पीएम रिपोर्ट में गोली पाए जाने पर रिपोर्ट को हत्या में बदल दिया गया है। परिजनों ने भी शव देखा था, लेकिन उन्हें भी गोली का पता नहीं चला था।
साथी आटो चालक शक के घेरे में
एसएचओ का कहना है कि निर्मल के साथी आटो चालकों पर ही वारदात का शक है। कई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। रात में पार्किंग में आटो खड़ा करने के बाद वह साथी आटो चालकों के साथ ही वहां से निकला था।
सवाल-दर-सवाल
निर्मल बस अड्डे से गुलधर के पास कैसे पहुंचा
हादसा बताने से पहले पुलिस ने पीएम रिपोर्ट का इंतजार क्यों नहीं किया
अगर पुलिस सच कह रही है तो उसने शव देखने में लापरवाही क्यों बरती