दक्षिण जिले के फतेहपुरबेरी थाना इलाके में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक करतार सिंह तंवर व उनके जानकार अजीत सिंह तंवर पर हमला पैसे के लेन-देन के विवाद को लेकर हुआ था। दक्षिण जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नुपूर प्रसाद का कहना है कि पैसों का विवाद अजीत सिंह का था, विधायक का नहीं। इसलिए अजीत पर हमला हुआ था।
फतेहपुरबेरी थाना पुलिस ने हमले के एक मुख्य आरोपी रणपाल को जौनापुर गांव से गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में प्रयुक्त अल्टो कार भी इसी आरोपी की थी। दूसरी तरफ विधायक करतार सिंह तंवर ने अपनी सुरक्षा को लेकर दक्षिण जिला डीसीपी ईश्वर सिंह से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि विधायक को जल्द ही सुरक्षा दे दी जाएगी।
गौरतलब है कि छतरपुर से आप विधायक करतार सिंह तंवर व जसोला गांव निवासी व सरकारी ठेकेदार अजीत सिंह तंवर पर गत रविवार को गदई बांध रोड पीर बाबा मंदिर के पास उस समय हमला हो गया था, जब दोनों वैगन आर कार से कहीं जा रहे थे। चार-पांच हमलावर आल्टो कार में आए थे। कार से दो युवक उतरे और राड से हमला कर वैगनआर कार के शीशे तोड़ दिए थे।
इसमें विधायक व अजीत सिंह मामूली रूप से घायल हो गए थे। पीछे ऑडी कार से चल रहे विधायक के ड्राइवर अरविंद ने आरोपियों की कार का पीछा करके हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी पिस्टल हवा में लहराते हुए फरार हो गए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी की गई।
सूचना मिली कि फतेहपुरबेरी इलाके के पास स्थित जौनापुर गांव में रणपाल छिपा हुआ है। बाद में उसे यहां से दबोच लिया गया। वारदात में प्रयुक्त अल्टो कार रणपाल के नाम ही रजिस्टर्ड है। पुलिस ने बताया कि रणपाल व मोनू दो मुख्य आरोपी हैं और दोनों ही अच्छे दोस्त हैं। पूछताछ में रणपाल ने बताया कि मोनू के एक परिचित का अजीत सिंह तंवर से करीब 60 लाख रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। इसलिए उसने साथियों के साथ मिलकर अजीत पर हमला किया था। फिलहाल, मोनू व उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।