जेवर-रामपुर मार्ग पर शुक्रवार देर रात सिरसा माचीपुर गांव के पास लूट के बाद आइसक्रीम फैक्ट्री मालिक की चार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाश दो लाख रुपये नगद और आभूषण लेकर फरार हो गए। हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने जेवर कोतवाली पर प्रदर्शन किया। एसएसपी और एसपी देहात ने घटना स्थल पर पहुंचकर लोगों से जानकारी जुटाई।
रामपुर गांव निवासी चंद्रपाल सिंह ने दो साल पहले जेवर-रामपुर रोड पर सिरसा माचीपुर गांव के पास खेत पर आइसक्रीम फैक्ट्री लगाई थी। वह दो साल पहले फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित एक कंपनी से रिटायर्ड हुए थे। शुक्रवार शाम चंद्रपाल गांव में घर बनाने के लिए दो लाख रुपये लेकर फैक्ट्री आए थे।
रात में करीब 1.30 बजे हथियार बंद चार बदमाशों ने फैक्ट्री से थोड़ी दूर खेत में सो रहे किसान बच्चू निवासी सिरसा माचीपुर और नंदू निवासी जेवर को बंधक बना लिया। बदमाशों ने किसानों से आवाज लगवाकर फैक्ट्री में सो रहे मजदूरों से दरवाजा खुलवाया। मजदूरों सहित दोनों किसानों के हाथों को बांध दिया। फैक्ट्री मालिक का घर फैक्ट्री के अंदर ही है।
आवाज होने पर फैक्ट्री मालिक ने दरवाजा खोला। बदमाश चंद्रपाल उनकी पत्नी, तीन बच्चों और सभी मजदूरों को बंधक बनाकर करीब 200 मीटर दूर एक खेत में ले गए। चंद्रपाल की पिटाई के बाद घर में रखे दो लाख रुपये और आभूषण लेने एक बदमाश फिर से फैक्ट्री पहुंचा।
बदमाशों ने उसकी पत्नी के कानों से सोने के कुंडल उतरवा लिए। चंद्रपाल को बदमाशों ने वहीं रोक लिया, जबकि उसकी पत्नी, बच्चों और मजदूरों को वहां से भगा दिया। इसके बाद चंद्रपाल की गर्दन की दाहिनी तरफ गोली मारकर हत्या कर दी।
एसएसपी ने दिया गिरफ्तारी का निर्देश
चंद्रपाल शर्मा के शव को लेकर पुलिस जेवर थाने पहुंची। ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की और ट्रैक्टरों में सवार होकर कोतवाली पहुंच गए। घटना की गंभीरता देखते हुए एसएसपी धर्मेंद्र यादव ने घटना स्थल का दौरा कर अधिकारियों को घटना के खुलासे के दिशा-निर्देश दिए।
दो घंटे में घटना को दिया अंजाम
लूट और फैक्ट्री मालिक की हत्या करने वाले बदमाश पूरी तरह बेखौफ थे। घटना के एक चश्मदीद ने बताया कि बदमाशों ने सबसे पहले बाड़ियों पर सो रहे किसानों को बंधक बनाया। इसके बाद मजदूरों और फैक्ट्री मालिक के परिवार को बंधक बनाने के बाद करीब दो घंटे तक खेत में ले जाकर पूछताछ और मारपीट करते रहे।