क्षेत्र के शातिर बदमाशों को पकड़ने के लिए ग्रेटर नोएडा में अलग से तैयार की जा रही क्राइम टीम को तेज तर्रार पुलिसकर्मी नहीं मिल रहें हैं। टीम के लिए 5 से 7 इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर रैंक के पुलिसकर्मी रखे जाएंगे जो क्राइम पर बेहतर काम कर सकें।
लेकिन थानों में तैनात ज्यादातर पुलिसकर्मी बड़े बदमाशों को पकड़ने का रिस्क नही लेना चाहते हैं। वह जान जोखिम में डालने के बजाय थाने में रहकर सुरक्षित रहने में भलाई समझ रहे हैं। दरअसल, ग्रेटर नोएडा पुलिस छोटे और बड़े गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एक अलग क्राइम टीम बना रही है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, बलराम ठाकुर जैसे बदमाशों के सुपारी किलर और ऐसे बदमाश जो नए गिरोह तैयार करने की फिराक में हैं उन्हें पकड़ा जा सके।
टीम में विश्वसनीय मुखबिरों के साथ-साथ साइबर एक्सपर्ट पुलिसकर्मी को शामिल किए जाने की योजना है। इसके अलावा उनको भी जगह देने पर विचार किया जा रहा है जो मुठभेड़ में माहिर हों। लेकिन इसके लिए बनाई जा रही क्राइम टीम में काम करने के लिए तेज तर्रार पुलिसकर्मी मिल नही रहे हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो तमाम पुलिस वाले ऐसे हैं जो सिर्फ थानों में रहकर अपनी नौकरी करना चाहते है। उन्हें लगता है कि ऐसे बदमाशों के पीछे भागने से अच्छा है कि शांति से थाने में काम किया जाए।
एसपी देहात अभिषेक यादव ने कहा कि क्राइम टीम बनाने के लिए पुलिसकर्मियों में अच्छे क्राइम एक्सपर्ट की तलाश की जा रही है। जल्द ही टीम बना ली जाएगी। इसके लिए किसी पर कोई दबाव नही है, जिनमें काम करने का जुनून होगा उन्हें ही रखा जाएगा।