नोएडा, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ के यातायात अधिकारियों के साथ बैठक, सीमाओं पर जाम घटाने के लिए बनेगी संयुक्त रणनीति
दिल्ली में रोजाना 10 हजार से ज्यादा चालान, नियम तोड़ने वाली बसों पर रोक और बाहरी ट्रकों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भेजेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ समेत पूरे एनसीआर में सर्दियों के दौरान प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज होगी। साथ ही, दिल्ली की सीमाओं पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए यातायात प्रबंधन में सुधार किया जाएगा। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने रविवार को एनसीआर के पड़ोसी शहरों के वरिष्ठ यातायात पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर संयुक्त कार्रवाई की रणनीति बनाई। इसमें धुआं छोड़ने वाले वाहनों, पीयूसी नियमों के उल्लंघन, निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाली बसों और दिल्ली से गुजरने वाले भारी वाहनों पर सख्ती करने का फैसला लिया गया।
बैठक में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (यातायात), परिवहन आयुक्त और नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत व बहादुरगढ़ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सीमावर्ती मार्गों पर यातायात का दबाव घटाने, सिग्नल व्यवस्था में बेहतर तालमेल और अधिक दबाव वाले इलाकों में पर्याप्त यातायात कर्मियों की तैनाती पर भी चर्चा हुई। जाम में लंबे समय तक खड़े रहने और धीमी गति से चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना भी रणनीति का हिस्सा है।
धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और चालान की कार्रवाई तेज की जाएगी। स्पष्ट रूप से धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर नियमों के तहत तत्काल कार्रवाई, जुर्माना और जहां प्रावधान हो, जब्ती जैसे कदम उठाए जाएंगे। दिल्ली यातायात पुलिस ने बताया कि यातायात नियमों और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी उल्लंघनों पर प्रतिदिन औसतन 10 हजार से अधिक चालान किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान कर शुरुआती स्तर पर कार्रवाई और वास्तविक समय में सूचनाएं साझा करने की जरूरत पर जोर दिया।
बाहरी ट्रकों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भेजेंगे
दिल्ली को गंतव्य न बनाने वाले भारी वाहनों को राजधानी के भीतर से गुजरने से रोकने के लिए ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के इस्तेमाल संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इससे दिल्ली की सड़कों पर भारी वाहनों का अनावश्यक दबाव कम होने और यातायात सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर लागू प्रतिबंधों के साथ सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रीय हरित अधिकरण और संबंधित प्राधिकरणों के निर्देशों का भी पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
बसों के उत्सर्जन मानकों की होगी जांच
अंतरराज्यीय बसों के परिचालन में उत्सर्जन और ईंधन संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 मानक वाली बसों के अलावा अन्य बसों के दिल्ली-एनसीआर में परिचालन पर रोक संबंधी प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की रणनीति बनाई जाएगी। सीमावर्ती जांच चौकियों पर सूचना पट्ट और जागरूकता सामग्री लगाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बस संचालकों और चालकों को प्रतिबंधों की जानकारी मिल सके।
सर्दियों में बढ़ेगी संयुक्त निगरानी
सिरसा ने कहा कि वायु प्रदूषण केवल दिल्ली की समस्या नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर से जुड़ा विषय है। इसके नियंत्रण के लिए दिल्ली और पड़ोसी राज्यों को मिलकर काम करना होगा। बैठक में ग्रेप और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने, जिला स्तर पर प्रवर्तन टीमों की तैनाती बढ़ाने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।