हाशिमपुरा में 42 लोगों के हत्याकांड मामले में मानवाधिकार का हनन हुआ है और पिछले 28 वर्षो में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पुलिस हिरासत में प्रताड़ना, एनकाउंटर की करीब 21685 शिकायतें मिली हैं।
एनएचआरसी ने हाईकोर्ट के समक्ष उक्त तर्क रखते हुए आरोपियों को बरी करने संबंधी फैसले को रद्द कर पूरे मामले की पुन: जांच करवाने का आग्रह किया है।
अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार को यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न इस मामले में एनएचआरसी को भी पक्ष बना दिया जाए।