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हाशिमपुरा हत्याकांड मामले में यूपी सरकार तलब

Wed, 21 Oct 2015 10:22 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाशिमपुरा में 42 लोगों के हत्याकांड मामले में मानवाधिकार का हनन हुआ है और पिछले 28 वर्षो में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पुलिस हिरासत में प्रताड़ना, एनकाउंटर की करीब 21685 शिकायतें मिली हैं।
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एनएचआरसी ने हाईकोर्ट के समक्ष उक्त तर्क रखते हुए आरोपियों को बरी करने संबंधी फैसले को रद्द कर पूरे मामले की पुन: जांच करवाने का आग्रह किया है।

अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार को यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न इस मामले में एनएचआरसी को भी पक्ष बना दिया जाए।
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10 दिसंबर को होगी सुनवाई

इसके अलावा अदालत ने मामले में चश्मदीद गवाह बाबुद्दीन को सुरक्षा प्रदान करने व कई गवाहों को पुन: बुलाने संबंधी दायर आवेदन पर भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने मामले की सुनवाई 10 दिसंबर तय की है। इससे पूर्व एनएचआरसी ने खंडपीठ को बताया कि वर्ष 1993 से 2011 के दौरान उसे 21,683 शिकायतें मिली है।जिनमें पुलिस हिरासत में प्रताड़ना, एनकाउंटर, पुलिस द्वारा हत्या को प्रमुख बताया गया है।

उन्होंने कहा कि यूपी के हाशिमपुरा में भी 21 मई 1987 को 40 से 45 निर्दोष लोगों की प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) के जवानों ने हत्या कर दी थी। यह काफी गंभीर मामला है और सही जांच न होने के कारण आरोपी बनाए गए 16 जवानों को अदालत ने बरी कर दिया।
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