जेएनयू छात्र नजीब अहमद के अपहरण मामले में निचली अदालत के आदेश पर सत्र अदालत ने फिलहाल रोक लगा दी है। निचली अदालत ने जेएनयू के सात छात्रों व दो पूर्व छात्रों को पेश होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था।
पुलिस इन छात्रों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाना चाहती है जबकि यह छात्र इसका विरोध कर रहे हैं। सीएमएम कोर्ट ने 30 मार्च को इन छात्रों की अर्जी खारिज कर दी थी।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने सीएमएम कोर्ट के 30 मार्च के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें छात्रों को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिये तीन मई की तारीख तय की है।
अदालत के समक्ष छात्रों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने बहस करते हुए कहा कि निचली अदालत का आदेश सही नहीं है। लिहाजा उस पर रोक लगनी चाहिए।