अदालत ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल की मानहानि मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उनके सहयोगी मनीष सिसोदिया के पेश न होने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने दोनों को पेशी से तो छूट प्रदान कर दी लेकिन दोनों पर ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माना ठोक दिया।
अदालत ने मामले में आरोपी बनाए गए आप नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण व शाजिया इलमी को इस मामले में जमानत प्रदान कर दी। पटियाला हाउस अदालत स्थित मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुनील कुमार शर्मा के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान केजरीवाल व मनीष सिसोदिया की तरफ से पेशी में छूट प्रदान करने के लिए आवेदन दायर किया गया।
उनके अधिवक्ता ने तर्क रखा कि दोनों लोकसभा चुनावों के कारण प्रचार में व्यस्त है और वर्तमान में दिल्ली से बाहर है। उनके इस तर्कपर याचि ने आपत्ति जताई। अदालत ने उनके तर्क पर सहमति जताते हुए कहा कि सुनवाई में उनकी पेशी जरूरी थी।
प्रशांत भूषण और शाजिया को मिला जमानत
अदालत ने केजरीवाल व मनीष सिसोदिया को फिलहाल अगली सुनवाई तक पेशी से छूट प्रदान कर दी लेकिन दोनों को 2500-2500 रुपये जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 19 अप्रैल तय की है।
सुनवाई के दौरान आरोपी बनाऐ गए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण व शाजिया इलमी पेश हुए। दोनों ने जमानत भरने से इंकार कर दिया, आखिर अदालत ने दोनों की जमानत व्यक्तिगत मुचलके पर स्वीकार कर ली।
सिब्बल के बेटे ने किया था मानहानि का मुकदमा
केजरीवाल व अन्य के खिलाफ अमित सिब्बल द्वारा दायर मानहानि याचिका के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने 24 जुलाई 2013 को सम्मन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया था।
अमित सिब्बल ने जुलाई माह में दायर याचिका में आरोप लगाया था कि आप के नेता केजरीवाल व अन्य सदस्यों ने जो बयान दिया है उससे उनकी प्रतिष्ठा खराब हुई है। अत: उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 मई को केजरीवाल ने जारी बयान में कहा था कि केंद्र सरकार ने वोडा फोन से टैक्स मामले में अदालत से बाहर समझौता कर तरफदारी की है। उन्होंने कहा उस समय वे हचसन की तरफ से पैरवी कर रहे थे इसी कारण उनकी प्रतिष्ठा खराब हुई है।