सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराए गए केस में महिला ने बताया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी कक्षा सात की छात्रा है। संभल जनपद के नखासा थानाक्षेत्र के कदारपुर निवासी कपिल पीड़िता के पड़ोस में ही किराये रहता है। आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद उसे धमकाया कि अगर उसने किसी से कुछ बताया तो वह उसे जान से मार देगा। उसके भाई को भी मार देगा।
अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए बीस साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने 26 अगस्त 2017 को केस दर्ज कराया था।
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सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराए गए केस में महिला ने बताया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी कक्षा सात की छात्रा है। संभल जनपद के नखासा थानाक्षेत्र के कदारपुर निवासी कपिल पीड़िता के पड़ोस में ही किराये रहता है। वह राजमिस्त्री का काम करता था। 15 मार्च 2017 को कपिल मिहिला की बेटी को बहला-फुसलाकर पास के ही एक खाली प्लाट में ले गया था। आरोप है कि यहां आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद उसे धमकाया कि अगर उसने किसी से कुछ बताया तो वह उसे जान से मार देगा। उसके भाई को भी मार देगा। जिससे लड़की घबरा गई और चुपचाप अपने घर चली गई।
उसकी खामोशी का फायदा उठाकर कपिल और उसके जीजा अजब सिंह ने अप्रैल माह में फिर से दुष्कर्म किया। पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में थाना पुलिस ने आरोपी कपिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोप पत्र भी केवल कपिल के खिलाफ दाखिल किया। पुलिस की विवेचना में अजब सिंह की कोई भूमिका सामने नहीं आई थी। मुकदमे की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट संख्या 3 चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत में की गई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एम पी सिंह एवं मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने अदालत में पेश होकर आरोपी कपिल के खिलाफ बयान दर्ज कराए और सारी घटना अदालत को बताई। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर कपिल को दुष्कर्म की घटना का दोषी करार देते हुए उसे बीस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।