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अजन्मे बच्चे ने दिलाए 13 लाख रुपए

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अजन्मे बच्चे की मौत के मामले में पीड़ित दंपत्ति को तेरह लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी को दिया है।
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बाइक सवार दंपति की खजूरी खास इलाके में नानकसर रेड लाइट पर आरटीवी से टक्कर हो गयी थी। जिससे वह जख्मी हुए थे और महिला का गर्भपात हो गया था।

कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अश्वनी कुमार सरपाल ने यमुना विहार निवासी कैलाश आहूजा व उनकी पत्नी को 12.95 लाख रुपये ब्याज सहित देने का निर्देश न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को दिया है।

पीड़ित की गलती पाए जाने से नहीं मिला पूरा मुआवजा

अदालत ने पीड़ित दंपत्ति व चश्मदीदों के बयान, एफआईआर, मेडिकल रिपोर्ट, आरटीवी के मैकेनिकल परीक्षण के आधार पर आरटीवी चालक को हादसे का जिम्मेदार ठहराया।

अदालत ने पहले कैलाश आहूजा को 13.89 लाख व उनकी पत्नी को छह लाख रुपये का मुआवजा दिया था।

कैलाश आहूजा ने बाइक चलाते हुये रेड लाइट जंप की थी इसलिये उसे भी आंशिक रूप से हादसे का जिम्मेदार मानते हुये उसे मिली मुआवजे की रकम को आधा कर दिया था। हालांकि इस हादसे में कैलाश का दाहिना पैर 75 फीसदी अशक्त हो चुका है।
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जितना मांगा था उतना नहीं मिला मुआवजा

अदालत ने अजन्मे बच्चे की मौत के लिये 26 लाख रुपये की मुआवजे की मांग को खारिज करते हुये 2.5 लाख रुपये का मुआवजा दिया है।

अदालत ने कहा कि अजन्मे बच्चे की तुलना जीवित बच्चे की याद ज्यादा परेशान करती है। दंपत्ति ने हादसे में आई चोटों के लिये 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग की थी।

मुआवजा याचिका के मुताबिक यमुना विहार निवासी दंपत्ति 19 जुलाई 2007 की रात करीब 11:30 बजे लॉरेंस रोड से यमुना विहार जा रहे थे।

नानकसर रेड लाइट के पास पहुंचने पर एक आरटीवी से कैलाश की बाइक टकरा गयी थी। हालांकि कैलाश ने जल्दबाजी में रेड लाइट जंप की थी।
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