आबकारी नीति पर भाजपा ने फिर सरकार को घेरा
प्रदेश भाजपा ने आबकारी नीति पर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने सरकार से पूछा है कि यह कैसे मुमकिन है कि मुख्यमंत्री के राजनीतिक संरक्षण के बगैर विजय नायर एक्साइज विभाग के फैसले बदलवाता रहा? 100 करोड़ से अधिक का लेन-देन विजय नायर बिना राजनीतिक संरक्षण के कैसे करता रहा? सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहते रहे हैं की विजय नायर तो आम आदमी पार्टी के चुनाव प्लानिंग विभाग का काम देखते हैं पर अब जब यह साफ हो गया है की नायर खुद को एक्साइज विभाग अधिकारी बता कर सौदे करते थे। मुख्यमंत्री इस मामले में स्थिति स्पष्ट करे। उधर, प्रदेश पार्टी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि दिल्ली सरकार के कांट्रैक्ट कर्मियों को महीनों से वेतन ना मिलने से निगम कर्मी चिंतित है।
नकली दवाओं की आपूर्ति आतंकवाद या हत्या से कम गंभीर अपराध नहीं: अदालत
दिल्ली की एक अदालत ने मरीजों को कैंसर की नकली दवा की आपूर्ति करने के आरोपी एकांश वर्मा को जमानत देने से इन्कार कर करते हुए कहा कि यह हत्या या आतंकवाद से कम गंभीर अपराध नहीं हैं। आरोपी को 13 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने कहा कि कमाई करने के लिए कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर नकली दवाओं की आपूर्ति का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसी समस्या को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। इसे कड़ाई से निपटने की जरूरत है। आरोपी की जमानत याचिका निरस्त करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि वर्मा पर बांग्लादेश की एक कंपनी की गोलियां बेचने का आरोप है। कानून के तहत भारत में इन दवाओं की आपूर्ति प्रतिबंधित है। ऐसे तथ्यों से साबित होता है कि कैंसर से जूझ रहे मरीजों को नकली दवाएं बेचने और आपूर्ति की बड़ी साजिश रची गई।