वहीं, पक्षियों को गर्माहट देने के लिए उनके बाड़े में खास बल्ब का भी इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा ठंडी हवा से बचाव के लिए रात को इनके पूरे बाड़े को टाट से ढका जाता है। सांपों को बचाने के लिए मटके का इस्तेमाल हो रहा है। बाड़े में छिद्र वाले मटके लगाए गए हैं, मटकों के भीतर गर्माहट बनाए रखने के लिए बल्ब लगाए गए हैं।
बढ़ाया मांसाहारी जानवरों का भोजन
चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि सर्दी बढ़ते ही शेर, चीते और बाघ की खुराक बढ़ जाती है। एक बाघ रोजाना करीब 10 किलोग्राम मांस खाता है, लेकिन सर्दियों में उसकी खुराक दो किलो तक बढ़ जाती है। इन्हें अमूमन बकरे व मुर्गे का मांस दिया जाता है। इसके अलावा बंदरों, हाथी इत्यादि को सर्दी में गाजर, आंवला दिया जा रहा है। हिरणों के लिए हरे बाजरे का इंतजाम किया गया है।
शावकों की देखभाल बड़ी चुनौती
रेंज अधिकारी सौरभ वशिष्ठ ने बताया कि सर्दी में शावकों की देखभाल बड़ी चुनौती है। खासकर मांसाहारी जानवरों के शावकों को हमेशा देख पाना आसान नहीं होता है। शावक अपनी मां के पास होते हैं। हाल ही में जिस सफेद बाघिन के शावक की मौत हुई, उसमें ऐसी ही समस्या आई। उन्होंने बताया कि यह हाइब्रिड प्रजाति के बाघ हैं। इनके बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम होती है। चिड़ियाघर में तीन में से दो शावक बिल्कुल स्वस्थ हैं। इनकी निगरानी बढ़ा दी गई है। शावकों को मल्टी विटामिन व दूसरी दवाइयां भी दी जा रही हैं।
चिंकारा परिवार में जल्द बढ़ेगा एक सदस्य
चिड़ियाघर में दुर्लभ प्रजाति के चिंकारा हिरण के परिवार में शुक्रवार तक एक नए मेहमान के आने की पूरी तैैयारी है। अभी चिड़ियाघर में चिंकारा प्रजाति के दो नर, एक मादा और एक बच्चा ही है। एक और चिंकारा हिरण को रोहतक चिड़ियाघर से दिल्ली लाया जा रहा है।