अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।राउज एवेन्यू कोर्ट ने 19 साल पुराने पासपोर्ट धोखाधड़ी मामले में सुनवाई टालने की मांग पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने कहा कि मामला अत्यंत पुराना है और सुनवाई की तारीख पहले से तय थी, फिर भी बचाव पक्ष के मुख्य वकील उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने जुर्माना जमा करने की शर्त पर सुनवाई स्थगित करते हुए अगली तारीख 19 अगस्त, सुबह 11:30 बजे तय की है।
यह मामला पूर्व सांसद बाबू भाई कटारा से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 2007 में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और पासपोर्ट एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी। मामले में फिलहाल 11 आरोपी हैं। परमजीत कौर को 2012 में दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि कुलदीप सिंह, एजाज मोइनुद्दीन और किरण धर को भगोड़ा घोषित किया गया है। एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है। बाबू भाई कटारा को 2011 से व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट मिली हुई है।