जोनल डायरेक्टर से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच और कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि एजेंसी आरोपी को मामले से जोड़ने वाले कोई ठोस सबूत अदालत के सामने पेश नहीं कर सकी। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान न तो मूल जांच अधिकारी और न ही वर्तमान केस अधिकारी यह बता सके कि आरोपी का अपराध से सीधा संबंध किस आधार पर स्थापित होता है। अदालत ने कहा कि जमानत मामलों की सुनवाई में पहले ही काफी समय लगता है। ऐसे में जांच एजेंसी की ओर से समय पर स्पष्ट और पर्याप्त जवाब न देने से सुनवाई टालनी पड़ती है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। कोर्ट ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए एनसीबी के जोनल डायरेक्टर को आदेश की प्रति भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उनसे यह स्पष्ट करने को कहा है कि एजेंसी की ओर से दाखिल जवाब जमानत का विरोध करने के लिए पर्याप्त था या नहीं।