गुरुग्राम के मानेसर गैंगरेप के आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को रिमांड पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया। अदालत ने सीसीटीवी में कैद तस्वीर से मिलान के लिए आरोपियों की पुलिस रिमांड दो दिन और बढ़ा दी है।
मानेसर गैंगरेप की जांच में पुलिस आरोपियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने के लिए किसी तरह की चूक नहीं करना चाहती है। पुलिस वारदात में इस्तेमाल टाटा मैजिक, कपड़े, खून के नमूने, मोबाइल बरामद करने के साथ घटना स्थल की निशानदेही करा चुकी है। पुलिस को छानबीन के दौरान 15 सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों की तस्वीर कैद मिली है। जिसके लिए वह उनका मिलान करना चाहती है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों को उन कैमरे के सामने ले जाना होगा। उसमें कैद तस्वीर से मिलान करनी है। साथ ही पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला कि वारदात के गांव में अपनी पहचान छुपाने के लिए आरोपियों ने कमरा बदलने का प्रयास किया। मास्टर माइंड जयकेश के साथ न होने के कारण वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके।
पुलिस ने दर्ज की तीसरी धारा
गैंगरेप मामले की छानबीन में पुलिस ने तीसरी धारा दर्ज की है। पहले पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ 9 महीने की बच्ची की हत्या का मामला दर्ज किया था। उसके पांच दिन बाद गैंगरेप और अब अज्ञात कैंटर चालक के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि जब वह आईएमटी चौक से कैंटर से चली थी, तो चालक ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी।