हाईकोर्ट ने देशद्रोह मामले में आरोपी जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को स्थायी जमानत देने से इंकार कर दिया। अदालत ने कन्हैया को स्थायी जमानत के लिए निचली अदालत में आवेदन दायर करने का निर्देश दिया है।
कन्हैया को विगत 2 मार्च को हाईकोर्ट ने छह माह की अंतरिम जमानत प्रदान की थी। न्यायमूर्ति पीएस तेजी ने कन्हैया की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रिबेका जॉन के उस तर्क को खारिज कर दिया कि कन्हैया ने छह माह की अंतरिम जमानत के दौरान तय शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं किया।
इसके अलावा जब भी जांच अधिकारी ने उसे बुलाया कन्हैया ने जांच में सहयोग किया है। ऐसे में उसे मिली अंतरिम जमानत को स्थायी जमानत में तब्दील किया जाए।
अदालत में कुछ मिनट चली सुनवाई के बाद आवेदन को खारिज कर दिया और उन्हें निर्देश दिया कि वह नियमित जमानत के लिए निचली अदालत में आवेदन दायर कर सकते हैं।