-अपहरण के 24 घंटे के भीतर गाजियाबाद से बच्ची बरामद
-निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से दंपती ने बच्ची को अगवा किया था, गिरफ्तार
-ऑपरेशन के बाद मां नहीं बनने पर बच्चे की चाहत में दिया वारदात को अंजाम
निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर सो रही दो साल की बच्ची को दंपती ने अगवा कर लिया। शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दंपती को गिरफ्तार कर बच्ची को गाजियाबाद से सुरक्षित बरामद कर लिया। महिला का पति स्टेशन पर एक वेंडर के पास काम करता है।
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रेलवे पुलिस उपायुक्त दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि दो वर्षीय बच्ची गुड़िया (काल्पनिक नाम) मूलत: महाराष्ट्र की रहने वाली है। महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ की वजह से तबाह हो चुके अपने आशियाना को छोड़कर बच्ची के माता-पिता दिल्ली आ गए थे। वह निजामुद्दीन स्टेशन के आसपास रहकर छोटा मोटा काम कर रहे थे। 12 जुलाई की सुबह वह परिवार समेत गांव जाने के लिए निजामुद्दीन स्टेशन पर आए थे। बच्ची 6-7 नंबर प्लेटफार्म पर सो रही थी। कुछ देर बाद पीड़ित दंपती ने अपनी बच्ची को गायब पाया। इधर उधर तलाश करने के बाद उन लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान जब पुलिस ने प्लेटफार्म पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला। जिसमें पुलिस ने देखा कि बच्ची को एक महिला अपने साथ लेकर जा रही है। लेकिन पुलिस महिला की पहचान नहीं कर पाई। लेकिन दूसरे फुटेज में पुलिस ने महिला को एक युवक से बात करते हुए देखा। युवक की पहचान गोंडा यूपी निवासी रति भावन (28) के रूप में हुई। रति भावन निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर एक वेंडर के पास काम करता था। पुलिस ने रतिभावन को सराय काले खां इलाके से गिरफ्तार कर लिया। उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके निशानदेही पर विजय नगर, गाजियाबाद से 24 वर्षीय उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
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सूनी गोद को भरने के लिए दिया वारदात को अंजाम
जांच में पता चला कि महिला ने रति भावन से दूसरी शादी की थी। पहली शादी पंजाब के रहने वाले एक युवक से हुई थी। उससे महिला के दो बेटे थे। एक बेटे की मौत हो गई। दो बेटे होने के बाद महिला ने नसबंदी का ऑपरेशन करवा लिया था। पहले पति से विवाद होने पर महिला उससे अलग हो गई। बेटे को उसका पति लेकर चला गया। तीन साल पहले महिला ने रतिभावन से शादी कर ली। दंपती एक बच्चा चाहते थे, इसलिए उन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया।