दिल्ली देहात के रानी खेड़ा गांव में देश का पहला सुअर बूचड़खाना (पिग स्लॉटर हाउस) बनेगा। इसके निर्माण के लिए डीडीए ने नगर निगम को 12 एकड़ भूमि आवंटित कर दी है। हालांकि इस जमीन पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम का स्वामित्व है, लेकिन तीनों नगर निगम मिलकर बूचड़खाने का निर्माण कराएंगी।
करीब दो सौ करोड़ रुपये लागत वाले इस बूचड़खाने में इस्तेमाल होने वाले समस्त उपकरण विदेशी होंगे। राजधानी व आसपास के इलाकों में बड़ी तादाद में अवैध रूप से सुअर काटने का धंधा चल रहा है। इसे रोकने के लिए नगर निगम ने करीब पांच वर्ष पहले सुअर बूचड़खाना बनाने का फैसला किया था।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अवैध बूचड़खानों के चलते राजधानी में ही नहीं, बल्कि एनसीआर में भी पर्यावरण दूषित हो रहा है। नगर निगम के पशु विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रानी खेड़ा में ऐसी तकनीक से बूचड़खाना बनाया जाएगा, जिससे इलाके में गंदगी नहीं फैलेगी।
इसका निर्माण विदेशी कंपनी से कराया जाएगा, क्योंकि विदेशों में ऐसे बूचड़खाने काफी संख्या में चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बूचड़खाने में सुअर काटने के अलावा दूसरा प्लांट भी लगाया जाएगा। इसमें सुअर के मांस को अलग-अलग किया जाएगा। साथ ही निर्यात करने के लिए इसकी पैकिंग की भी व्यवस्था होगी।