दिल्ली पुलिस ने पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर और अवध यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। पूछताछ काफी देर तक चली और तोमर किसी भी सवाल का संतोषपूर्ण जवाब नहीं दे पाए। तोमर यूनिवर्सिटी में न तो किसी को पहचान पाए और न ही किसी सवाल का ठीक से जवाब दे पाए।
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। यूपी के बाद अब तोमर को बिहार ले जाया जाएगा। यहां पर उनकी एलएलबी डिग्री की जांच की जाएगी। उधर, पुलिस ने रोहिणी स्थित यूनिवर्सल इंस्टीट्यूट में दबिश दी, लेकिन वहां ताला लगा मिला।
दक्षिण-पूर्व रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त आरएस कृष्णनइया ने बताया कि जितेंद्र तोमर की बीएससी की डिग्री पूरी तरह फर्जी है। अवध यूनिवर्सिटी में तोमर के सामने जो जांच की गई है वह बार काउंसिल की शिकायत के बाद की गई जांच के समान है। पुलिस ने पहले जो जांच की थी उसमें पूर्व कानून मंत्री की डिग्रियां फर्जी पाई गई थीं।
तोमर को अवध यूनिवर्सिटी के पूरे परिसर का भ्रमण करवाया गया। वह किसी भी जगह को ठीक से नहीं बता पाए। वह ये नहीं बता पाए कि लैब कहां है और क्लास रूम कहां है। पुलिस ने पहले जो जांच की है उस हर चीज को ठीक से वेरीफाई किया जा रहा है।
अवध यूनिवर्सिटी में जब कानून मंत्री से पूछताछ की गई तो वह किसी भी सवाल का ठीक से जवाब नहीं दे पाए। वह हर सवाल को टालते हुए दिखे। बताया जा रहा है कि तोमर मामले में पुलिस टीम ने रोहिणी स्थित यूनिवर्सल इंस्टीट्यूट में दबिश दी। मगर इंस्टीट्यूट के बाहर ताला लगा हुआ था।