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गरीबी से मजबूर बाप ने उठाया चौंकाने वाला कदम

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गरीबी की वजह से एक शख्स अपने मरे हुए नवजात बेटे के लिए कफन का भी इंतजाम नहीं कर पाया। मजबूर पिता ने उसके शव को दिल्ली गेट के पास एक पार्क में लावारिस फेंक दिया। सुबह लोगों ने शव को देखकर मामले की सूचना पुलिस को दी।
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पुलिस बच्चे के हाथ में उसकी पहचान के लिए बांधे गए टैग (रिबन) के आधार पर एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती उसकी मां तक पहुंच गई। तब पुलिस को पूरी घटना की जानकारी हुई।

दरियागंज थाना पुलिस के मुताबिक पीड़ित लाखन सिंह (45) अपनी पत्नी नीतू (37) और दो बच्चों के साथ मंडावली में किराये केे मकान में रहता है। लाखन मजदूरी करता है। लाखन की पत्नी गर्भवती थी।
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गर्भ में ही हो गई थी बच्चे की मौत

21 दिसंबर को तबीयत खराब होने के बाद नीतू को एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से 25 दिसंबर को एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां पता चला कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है।

शुक्रवार आधी रात के करीब डॉक्टरों ने मरे हुए बच्चे की डिलीवरी कराकर नवजात का शव लाखन को थमा दिया। इधर, नीतू की भी हालत गंभीर थी। देर रात को लाखन शव को लेकर अस्पताल से बाहर निकला और अस्पताल के सामने पार्क में शव फेंककर अस्पताल पहुंच गया।

इधर, तड़के लोगों ने पार्क में नवजात का शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस हाथ में बंधे रिबन पर बेबी ऑफ नीतू लिखा देखकर अस्पताल में संपर्क किया और वह नीतू तक पहुंच गई।

अस्पताल में जब पुलिस ने लाखन से पूछताछ की तो उसने बताया कि गरीबी की वजह से उसके पास बच्चे का अंतिम संस्कार के लिए भी रुपये नहीं थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लाखन के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है, लेकिन फिर भी मामले की छानबीन की जा रही है।
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