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शब-ए-बारात का जश्न मनाने सड़कों पर आए तो होगी कड़ी कार्रवाई, तैयार है दिल्ली पुलिस

Wed, 08 Apr 2020 02:25 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Delhi Police poster urging Muslims to observe lockdown - फोटो : ANI
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लॉकडाउन में बृहस्पतिवार, 9 अप्रैल को शब-ए-बारात आ गई है। मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत और फजीलत (ज्ञान अर्जन) की रात। माना जाता है कि इस रात अल्लाह की रहमत बरसती है। इस रात को मुस्लिम समुदाय के लोग इबादत करते हैं और अपने गुनाहों से तौबा करते हैं।

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पिछले कई वर्षों से देखने में आया है कि शब-ए-बारात वाली रात को मुस्लिम समुदाय के युवा दिल्ली की सड़कों पर समूह में निकलते हैं। खासतौर पर दुपहिया वाहनों पर सवार होकर वे एक जगह से दूसरी जगह पर जाते हैं।

दिल्ली पुलिस ने इस बार तय कर लिया है कि शब-ए-बारात पर निजामुद्दीन मरकज वाली गलती नहीं दोहराई जाएगी। कोरोना का लॉकडाउन है और राष्ट्रीय राजधानी में पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं, हजारों लोग क्वारंटीन में हैं, इसके चलते अगर कोई शब-ए-बारात में बाहर निकला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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बता दें कि दिल्ली में पिछले एक दशक से शब-ए-बारात में नया ट्रेंड देखने को मिला है। मुस्लिम समुदाय के सैंकड़ों युवा इस रात को बाइक पर एक साथ निकलते हैं। शब-ए-बारात के दौरान ट्रैफ़िक के नियमों का उल्लंघन रोकने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के बंदोबस्त के लिए लोकल पुलिस और ट्रैफ़िक पुलिस के अलावा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जाता है।
 

करीब आठ साल का आंकड़ा देखें तो शब-ए-बारात के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैफ़िक नियमों का उल्लंघन किया जाता है। इंडिया गेट, पुरानी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और दूसरे हिस्सों में हजारों बाइकें सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आती हैं।इनसे निपटने के लिए दिल्ली पुलिस करीब 125 जगहों पर पिकेट लगाती है।
 

इस बार कोरोना के प्रकोप को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव शब-ए-बारात पर खुद नजर रखे हुए हैं। उन्होंने सभी जिलों के डीसीपी से कहा है कि वे अपने इलाके के मुअज्जिज (सम्मानित) लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाएं।

लोगों को बताया जाए कि शब-ए-बारात के दौरान कोई भी व्यक्ति घर से बाहर न निकले। डीसीपी संजय भाटिया का कहना है कि लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह के धार्मिक कार्यक्रम के लिए एकत्रित न हों।

अपने घर में रह कर धार्मिक रीति रिवाज पूरे करें। समाज के मुअज्जिज लोगों ने भी भरोसा दिलाया है कि वे शब-ए-बारात पर बाहर नहीं निकलेंग। मस्जिद से भी घोषणा कराई जा रही है कि इस बार लोग अपने घरों में ही रहें। जगह-जगह इस अपील के उर्दू में पोस्टर भी लगवाए गए हैं। इसके बाद भी कोई बाहर निकलता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से पुलिस पीछे नहीं हटेगी।

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