एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के अनुसार कोरोना वायरस के मरीजों को आईसीयू सुविधा बढ़ाने के लिए जल्द ही छोटे व सस्ते वेंटिलेटर उपलब्ध हो जाएंगे। इसकी तमाम कागजी कार्यवाही लगभग पूरी हो चुकी है।
दुनिया भर में वेंटिलेटर की मांग कोरोना वायरस के चलते बढ़ी है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर की एक कंपनी से वेंटिलेटर की योजना बनाने वाले एम्स ने अब इसके लिए एक स्वदेशी कंपनी से करार किया है। ये कंपनी प्रोटोटाइप वेंटिलेटर उपलब्ध कराएगी जोकि, आकार में छोटे लेकिन काम में काफी तेज तकनीकी से लैस होंगे।
शवों के अंतिम संस्कार की बनाई गाइडलाइन
एम्स के फॉरेसिंक विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज की मौत होने के बाद अंतिम संस्कार को लेकर छह पेज की एक गाइडलाइन बनाई है। सूत्रों का यहां तक कहना है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार इन दिशा निर्देशों का पालन करा सकती है।
एम्स की गाइडलाइन के तहत खुले में संक्रमित शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक या सीएनजी के जरिए अंतिम संस्कार करना उचित रहेगा। चार से पांच फुट गहरे गड्डे में शव को दफन कर उसके ऊपर सीमेंट की एक मोटी लेयर से कवर करना चाहिए।
एम्स के वरिष्ठ ह्दयरोग विशेषज्ञ डॉ. अंबुज राय ने बताया कि एम्स ने एक वेबीनार प्रोग्राम तैयार किया है जिसमें हर दिन अलग-अलग विभाग के विशेषज्ञ देश भर के डॉक्टरों को कोरोना वायरस के इलाज से जुड़ी जानकारियां दे सकेंगे।
उन्होंने बताया कि 27 और 30 मार्च के अलावा 01 और 03 अप्रैल को चार चरण में प्रशिक्षण दिया जाएगा। 20-20 मिनट के इस वेबीनार में इंफेक्शन कंट्रोल प्रैक्टिस से लेकर पल्मोनरी, हार्ट, नेफ्रोलॉजी, कोविड मैनेजमेंट इत्यादि बिंदुओं पर जानकारी दी जाएगी।
फोन पर मिलेंगे एम्स के डॉक्टर, लें सलाह
ओपीडी और पहले से तय सर्जरी पर रोक लगाने के बाद एम्स ने अपने मरीजों के लिए टेली कंसल्टेशन की सुविधा शुरू की है। एम्स आने वाले फॉलोअप मरीज डॉक्टर से फोन पर कंसल्टेशन ले सकते हैं। एम्स प्रशासन की ओर से सभी डॉक्टरों को जानकारी दे दी गई है। ताकि मरीजों को फोन करने पर कोई परेशानी ना हो।
कई मरीजों की डॉक्टरों के साथ अपॉइंटमेंट तय थी जिसे निरस्त कर दिया है। अब मरीज फोन के जरिए डॉक्टर से अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर बात कर सकते हैं। फोन पर कॉल के अलावा वॉट्सएप और मैसेज के जरिए डॉक्टर से सुझाव ले सकते हैं।
एम्स में कोरोना के मरीजों के लिएः
. एम्स ट्रामा सेंटर के आईसीयू में 20 बेड।
. झज्जर स्थित कैंसर अस्पताल में 50 आइसोलेशन, 25 आईसीयू बेड।
. बर्न एंड प्लास्टिक ब्लॉक में 30 आईसीयू बेड।
. 150 आइसोलेशन बेड अलग से आरक्षित किए गए।