उन्होंने बताया कि जिस जगह पर उन लोगों को रखा है, वहां के बाथरूम स्वच्छता के नाम पर मजाक हैं। दीवारों में दरारें हैं, कॉकरोच बेड पर घूम रहे हैं। दीवारों पर अखबार चिपके हैं, ऐसा लग रहा है मानों उन्हें किसी बदबूदार जेल में कैद कर दिया हो।
उन्होंने आगे बताया कि उनके साथ 40 लोग इस वक्त मौजूद हैं। इतने लोगों में सिर्फ 3 वॉशरुम बनाए गए हैं। इसके अलावा सभी के लिए केवल पांच बड़े बेडरूम का बंदोबस्त किया है। ऐसी स्थिति में वे चाहते हैं कि हम यहां रुकें। सोशल मीडिया पर भी इन लोगों ने वीडियो बनाकर पोस्ट किए हैं।
वहीं एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती बताई है। उन्होंने कहा कि वो 15-16 मार्च की रात 1 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर आईं। स्पेन से आने के कारण उन्हें 14 दिन के लिए कोरेन्टाइन किया गया है। वे भी इस वक्त द्वारका पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में हैं। जहां सुविधाओं के नाम पर उनके साथ सरकार ने मजाक किया है।
काफी बदबू और सीलन से भरे कमरे उन्हें बीमार बना सकते हैं। नव्या ने बताया कि सभी लोगों ने मिलकर द्वारका एसडीएम को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से किसी ने भी बातचीत नहीं की है।