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दिल्लीः कोरेन्टाइन की खुली पोल, पीड़ितों ने बताया- बदबूदार हैं कमरे, 12 घंटे बाद मिला चाय-नाश्ता

Mon, 16 Mar 2020 02:07 PM IST
पूजा त्रिपाठी परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

- चार घंटे डीटीसी की बस में बैठे रहे लोग, फ्रांस और स्पेन से आज ही आए हैं
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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फ्रांस और स्पेन से आज ही आए लोगों ने दिल्ली सरकार के कोरेन्टाइन सुविधा की पोल खोल दी। रात डेढ़ बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर आने के बाद चार घंटे तक इन लोगों को डीटीसी की बसों में बैठाकर रखा गया। इसके बाद इन्हें द्वारका स्थित दिल्ली पुलिस के ट्रेनिंग स्कूल में लाया गया।

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12 घंटे बाद इन्हें खाने के लिए केवल एक चाय और पकौड़ा दिया गया। सरकार की इन सुविधाओं को देख लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। द्वारका एसडीएम को पत्र लिख इन्होंने तत्काल कोरेन्टाइन सुविधा को बदलने की मांग की।

फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति बताते हैं कि वे कुछ दिन पहले ही पेरिस गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी भी हैं। रात को दिल्ली एयरपोर्ट पर आने के बाद से सोमवार दोपहर एक बजे तक किसी भी व्यक्ति का कोरोना टेस्ट नहीं हुआ है। उन्हें खाने पीने के लिए भी मिन्नतें करनी पड़ रही हैं।
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उन्होंने बताया कि जिस जगह पर उन लोगों को रखा है, वहां के बाथरूम स्वच्छता के नाम पर मजाक हैं। दीवारों में दरारें हैं, कॉकरोच बेड पर घूम रहे हैं। दीवारों पर अखबार चिपके हैं, ऐसा लग रहा है मानों उन्हें किसी बदबूदार जेल में कैद कर दिया हो।

उन्होंने आगे बताया कि उनके साथ 40 लोग इस वक्त मौजूद हैं। इतने लोगों में सिर्फ 3 वॉशरुम बनाए गए हैं। इसके अलावा सभी के लिए केवल पांच बड़े बेडरूम का बंदोबस्त किया है। ऐसी स्थिति में वे चाहते हैं कि हम यहां रुकें। सोशल मीडिया पर भी इन लोगों ने वीडियो बनाकर पोस्ट किए हैं।


 
वहीं एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती बताई है। उन्होंने कहा कि वो 15-16 मार्च की रात 1 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर आईं। स्पेन से आने के कारण उन्हें 14 दिन के लिए कोरेन्टाइन किया गया है। वे भी इस वक्त द्वारका पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में हैं। जहां सुविधाओं के नाम पर उनके साथ सरकार ने मजाक किया है।

काफी बदबू और सीलन से भरे कमरे उन्हें बीमार बना सकते हैं। नव्या ने बताया कि सभी लोगों ने मिलकर द्वारका एसडीएम को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से किसी ने भी बातचीत नहीं की है।
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