दिल्ली में गुरुवार को कोरोना वायरस के 4308 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 28 लोगों की मौत हो गई है। इसकी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 2,05,482 हो गई है। राजधानी में गुरुवार को 2637 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। दिल्ली में अब तक कुल 1,75,400 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस से दिल्ली में अब तक कुल 4666 मरीजों की मौत हो चुकी है। राजधानी में अभी कुल 25416 सक्रिय मरीज हैं।
दिल्ली सरकार ने जानकारी दी है कि गुरुवार को 9004 आरटी-पीसीआर जांच और 49336 रैपिड एंटीजन जांच की गई हैं। दिल्ली में अब तक कुल 19,62,120 कोरोना जांच की गई हैं। राजधानी में पॉजिटिविटी रेट अभी 10.47 प्रतिशत है। जबकि मृत्यु दर 2.27 प्रतिशत है। राजधानी में अभी 13518 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। जबकि कुल कंटेनमेंट जोन की संख्या 1272 हो गई है।
दिल्ली में प्लाज्मा थेरेपी पर रोक नहीं
कोरोना वायरस के उपचार में चिकित्सीय तौर पर बेअसर मिले प्लाज्मा थेरेपी को लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि उन्हें इसके प्रभावों के बारे में अच्छे से पता है। वह खुद प्लाज्मा थेरेपी की वजह से ठीक हुए हैं।
गुरुवार को सत्येंद्र जैन ने कहा कि राजधानी में अब तक एक हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा चुकी है। ज्यादात्तर मरीजों को इसका फायदा हुआ है और उनकी जिंदगी भी बची है। इसमें मैं खुद भी शामिल हूं।
दरअसल बीते माह जून में सत्येंद्र जैन कोरोना वायरस की चपेट में आने की वजह से काफी दिन अस्पताल में रहे थे। राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा।
यहां उन्हें प्लाज्मा थेरेपी दी गई थी, जिसके कुछ दिनों बाद वो ठीक होकर घर आ गए थे। मंत्री जैन का यहां तक कहना है कि आईसीएमआर ने अब तक यह नहीं कहा है कि प्लाज्मा थेरेपी से फायदा नहीं हो रहा है। वे सिर्फ वेंटिलेटर पर चले गए मरीजों की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि फिलहाल दिल्ली में कोविड मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल जारी रहेगा।