फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: पिछले 24 घंटों में 1935 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि, 47 लोगों की मौत 

Sat, 12 Dec 2020 06:21 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर ) - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस के 1935 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 47 लोगों की मौत हो गई है। राजधानी में शनिवार को 3191 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। दिल्ली में शनिवार को पॉजिटिविटी रेट 2.64 प्रतिशत रहा। अगर पिछले दस दिनों की बात करें तो मृत्यु दर 2.35 प्रतिशत दर्ज की गई है। 

विज्ञापन

 

दिल्ली में शनिवार को 73413 कोरोना जांच की गई हैं। इसमें 32578 आरटी-पीसीआर जांच और 40835 रैपिड एंटीजन जांच शामिल हैं। राजधानी में अब तक कुल 71,50,568 कोरोना जांच की गई हैं। 

दिल्ली में अभी तक कुल 6,05,470 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। इसमें से 5,78,116 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस से राजधानी में अब तक कुल 9981 मरीजों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में अभी पॉजिटिविटी रेट 8.47 प्रतिशत है। जबकि मृत्यु दर 1.65 प्रतिशत दर्ज किया गया है। दिल्ली में अभी 17373 सक्रिय मरीज है। इनमें से 10382 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 
विज्ञापन


अब भी नहीं सुधरे तो दिल्ली में फिर देखेंगे कोरोना की नई लहर
दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोगों ने अभी भी सबक नहीं लिया तो दिल्ली वाले एक बार फिर कोरोना संक्रमण की नई लहर दे सकते हैं। महामारी विशेषज्ञों का यहां तक कहना है कि दिल्ली एकमात्र ऐसा राज्य है जहां के लोग तीन तीन बार कोरोना की लहर देख चुके हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह दिल्ली के लोगों की ओर से नियमों का पालन करना नहीं है। दिल्ली में अगर नियमों की सख्ती से पालन किया जाता है तो पूरी उम्मीद है कि राजधानी को संक्रमण की चौथी लहर देखने को न मिले। 

सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि दिल्ली में अब तक तीन बार संक्रमण की लहर देखी जा चुकी है। हर बार लोग लापरवाही बरतने लगते हैं और संक्रमण का अपना असर तेज कर लेता है। आंकड़ों पर ही गौर करें तो दिल्ली में कोरोना की हर लहर पिछली वाली की तुलना में ज्यादा असरदार रही है।

पहली लहर में जहां रोजाना दो हजार से कम संक्रमित मरीज मिल रहे थे वही आंकड़ा तीसरी लहर आते आते साढ़े आठ हजार तक पहुंच गया था। इसके अलावा दिल्ली में सबसे ज्यादा मौतें नवंबर माह में हुई हैं। जब कोरोना की तीसरी लहर के दौरान ढ़ाई हजार से ज्यादा लोगों की मौत 30 दिन में हुई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें