दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मोबाइल, कम्प्यूटर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीदारी के लिए लोन लेकर तीन करोड़ रुपये की हेराफेरी करने वाले एडवांस कम्प्यूटर एंड मोबाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लोन देने वाली कंपनी ने आरोपी कंपनी के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा में फर्जीवाड़ा की शिकायत की थी।
शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओपी मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की पहचान मुंबई निवासी अमरेंद्र शशिकांत तोताडे और एस्सा इस्माइल मर्चेंट के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार जून 2020 में एनबीएफसी क्लीक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत की। जिसमें बताया कि एडवांस कम्प्यूटर एंड मोबाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को उपकरण खरीदने के लिए चार करोड़ रूपये लोन लिये थे। उन्हें उपकरण दुबई के विक्रेता से खरीदना था। लेकिन कंपनी ने एक करोड़ की खरीदारी की और बाकी रकम को हड़प लिया।
जांच में पता चला कि लोन के लिए कुल लागत के 25 फीसदी विक्रेता को भुगतान करना था। आरोपियों ने विक्रेता को एक करोड़ देकर चार करोड़ का लोन ले लिया। बाद में आरोपियों ने न तो कोई खरीदारी की और न ही रकम वापस ही की। जांच में यह बात भी सामने आई कि कंपनी ने कई संस्थानों से करीब 150 करोड़ का लोन लिया हुआ है। लेकिन इनलोगों ने रकम वापस नहीं किया।
इसके बाद पुलिस ने गुरुवार को मुंबई में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अमरेंद्र शशिकांत तोताडे कंपनी का निदेशक है जबकि एस्सा इस्माइल मर्चेट कंपनी का प्रमुख शेयरधारक और कंपनी के बैंक खातों का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता है। पुलिस पूछताछ कर फर्जीवाड़ा में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।