वहीं, राजधानी की केशवपुर सब्जी मंडी में कामकाज लगभग आधा रह गया है। मंडी के चेयरमैन राधेश्याम शर्मा ने बताया कि कोरोना के संक्रमण का खतरा कम करने के लिए मंडी में सामान्य लोगों के आने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है।
अब केवल व्यापारी और थोक में सब्जी खरीदने वाले लोग ही मंडी में प्रवेश कर सकेंगे। मंडी के प्रवेश द्वार पर ही सुरक्षाकर्मियों को लगा दिया गया है और वे केवल व्यापारियों को ही प्रवेश करने की अनुमति देंगे।
राधे श्याम शर्मा के मुताबिक मंडी में रोजाना डेढ़ से दो करोड़ रुपये का कारोबार होता है, जो अब घटकर 75-80 लाख रुपये के करीब रह गया है। इस समय बीजों की कीमत भी स्थिर बनी हुई है। सबसे बेहतर किस्म का आलू भी 16-17 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है तो टमाटर को भी इससे ज्यादा कीमत नहीं मिल रही है।
बेंगलुरु के करीब बेलगाम सब्जी मंडी में सोमवार से कामकाज पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया गया है। मंडी के दो लोगों को कोरोना पोजिटिव पाए जाने के बाद मंडी का कामकाज रोकने का फैसला लिया गया। मंडी समिति से जुड़े सुनील कांबले के मुताबिक शहर में फलों और सब्जियों की कमी न हो, इसके लिए शहर से दूर चार अन्य जगहों पर व्यापार करने की अनुमति दी गई है।
इनमें धारवाड़ रोड पर एक जगह, पोद्दार स्कूल मैदान, इंदल ग्राउंड और आरटीओ सर्कल की जगह शामिल है। मंडी में 260 दलालों के जरिए 200 बड़े ट्रक और हजारों छोटी गाड़ियों का कामकाज होता है।
लेकिन कोरोना का मामला सामने आने के बाद यह ठप पड़ गया है। ट्रकों की आवाजाही की अनुमति मिलने के बाद कामकाज सामान्य हो रहा था, लेकिन इसी बीच कोरोना पॉजिटिव केस सामने आने के बाद व्यापार को दोबारा झटका लगा है।